Khabri Chai Desk : धमतरी जिले में मखाने की आधुनिक खेती (Makhana Farming) किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। सुपर फूड मखाना, जिसे काला हीरा भी कहा जाता है, अब धान के बेहतर विकल्प के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।

जिला प्रशासन ने कुरूद विकासखंड के ग्राम राखी, दरगहन और सरसोंपुरी को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना है। लगभग 20 हेक्टेयर तालाबों में मखाने की खेती की जा रही है, जिसमें राखी गांव की 5 हेक्टेयर फसल हार्वेस्टिंग के चरण में पहुँच चुकी है। विशेषज्ञों और प्रशिक्षित मजदूरों की मदद से कटाई-छंटाई का कार्य किया जा रहा है।
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मखाना केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी लाभकारी है। इसमें विटामिन, कैल्शियम, मैग्निशियम, आयरन, जिंक और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। यह डायबिटीज, हृदय रोग और जोड़ों के दर्द में फायदेमंद है।
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धान की तुलना में मखाना अधिक लाभकारी साबित हो रहा है। जहां धान की खेती से औसत शुद्ध आय करीब 32,698 रुपये मिलती है, वहीं मखाने से किसानों को लगभग 64,000 रुपये की आमदनी हो रही है। महिलाओं की भागीदारी इस पहल को और मजबूत बना रही है। प्रशासन ने अगले रबी सीजन में 200 एकड़ में मखाने की खेती विस्तार का लक्ष्य रखा है।
Author: Khabri Chai
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