मध्यप्रदेश में नकली शराब, फर्जी व रद्द परिवहन परमिट और अवैध आपूर्ति से जुड़े गंभीर आपराधिक मामले में बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। देपालपुर की अपर सत्र न्यायालय द्वारा दोष सिद्ध होने के बाद आबकारी आयुक्त, मध्यप्रदेश ने सोम डिस्टलरीज प्रा. लि. (रायसेन) और सोम डिस्टलरीज एंड ब्रेवरीज लि. के प्रमुख आबकारी लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए।



विभाग ने लाइसेंस निलंबन कर दिया । इस कार्रवाई से साफ संदेश गया है कि अवैध शराब नेटवर्क और फर्जी परमिट के मामलों में सख्ती बरती जाएगी।
गौरतलब है कि Hunter Beer, जो सोम ब्रेवरीज (MP) मध्यप्रदेश में कार्रवाई के दायरे में आई है। वहीं छत्तीसगढ़ में Legend IMFL Unit द्वारा Super Gypsy जैसे ब्रांड बेचे जा रहे हैं। ऐसे में यह प्रश्न और गंभीर हो जाता है कि क्या इन उत्पादों के स्रोत, लाइसेंस संरचना और आपूर्ति श्रृंखला की जांच की जाएगी?
यदि एक ही समूह या उससे संबद्ध इकाइयों के उत्पाद अलग-अलग राज्यों में अलग नामों या लाइसेंस के तहत बिक रहे हैं, तो क्या छत्तीसगढ़ आबकारी विभाग इस पर स्वतः संज्ञान लेकर जांच करेगा?


अब सीधा सवाल—
क्या छत्तीसगढ़ में भी अवैध शराब, फर्जी परमिट और संदिग्ध लाइसेंस व्यवस्था पर मध्यप्रदेश जैसी निर्णायक कार्रवाई होगी?
या फिर यहां संबंधित ब्रांड और इकाइयों को संरक्षण मिलता रहेगा?
जनता की अपेक्षा स्पष्ट है: कानून सब पर समान रूप से लागू हो और किसी भी स्तर पर दोषियों को राहत न दें


Author: Khabri Chai
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