
रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र में विधायक कॉलोनी से लगे हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के सामने 26 फरवरी की रात दो कैटरिंग समूहों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। लेन-देन और कामकाज से जुड़े विवाद को लेकर शुरू हुई कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की और मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, घटना देर रात उस समय हुई जब कैटरिंग का काम करने वाले दो समूह आपस में काम और भुगतान को लेकर चर्चा कर रहे थे। इस दौरान दोनों पक्षों के लोग शराब के नशे में थे, जिसके चलते विवाद बढ़ता चला गया। पहले तीखी बहस हुई और फिर देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच लात-घूंसे और डंडों से मारपीट शुरू हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, अचानक हुई इस हिंसक झड़प से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सड़क पर मौजूद लोगों और आसपास के निवासियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। स्थानीय लोगों की हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ, लेकिन घटना का वीडियो किसी ने मोबाइल फोन से रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जो देखते ही देखते वायरल हो गया।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की। वीडियो फुटेज और स्थानीय जानकारी के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मारपीट और शांति भंग करने से संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान योगेश साहू, रितेश साहू, आशुतोष पांडे, सतबीर खींची, मोहम्मद तालिब, संदीप यादव और विवेक मिश्रा के रूप में हुई है। सभी आरोपी कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
तेलीबांधा थाना पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की हिंसक गतिविधियां कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में शांति भंग करने या अराजकता फैलाने वाले लोगों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों पर शराब के नशे में हिंसक व्यवहार और कानून व्यवस्था बिगाड़ने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए नियमित निगरानी बढ़ाई जा रही है। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस पेट्रोलिंग भी तेज की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ती अव्यवस्था और शराब के नशे में होने वाली हिंसक घटनाओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखी जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर त्वरित कार्रवाई पुलिस की सक्रियता को दर्शाती है। इससे कानून व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर नियंत्रण करने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
Author: Khabri Chai
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