रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर सियासी विवाद गहरा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित करने के मामले में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। भाजपा की शिकायत पर सिविल लाइंस थाने में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस उनके निवास पहुंची। हालांकि, अमित जोगी घर पर मौजूद नहीं मिले। इसके बाद पुलिस ने उनके आवास के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया।

घर पर नहीं मिले अमित जोगी, पुलिस ने चस्पा किया नोटिस
मामले में FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच की कार्रवाई तेज कर दी है। इसी सिलसिले में पुलिस मंगलवार को अमित जोगी के निवास पर पहुंची थी। लेकिन वहां उनके नहीं मिलने पर पुलिस ने घर के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद उनके फरार होने की चर्चाएं भी शुरू हो गईं।
हालांकि, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ ने इन खबरों को गलत बताया है। पार्टी का कहना है कि अमित जोगी 2 से 8 नवंबर तक पहले से निर्धारित निजी कार्यक्रम के सिलसिले में गुजरात के सूरत में हैं। वे 9 नवंबर को रायपुर लौटेंगे और खुद थाने पहुंचकर पुलिस की जांच में सहयोग करेंगे।
पार्टी ने पुलिस को सौंपा ई-मेल से भेजा जवाब
अमित जोगी की अनुपस्थिति को लेकर पार्टी के प्रदेश संगठन महामंत्री निलेश चौहान ने सिविल लाइंस थाना प्रभारी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अमित जोगी की ओर से ई-मेल के माध्यम से भेजा गया जवाब पुलिस को सौंपा।
पार्टी की ओर से बताया गया कि अमित जोगी पहले से तय कार्यक्रम के कारण रायपुर से बाहर हैं। 9 नवंबर को लौटने के बाद वे स्वयं थाने पहुंचकर जांच में शामिल होंगे। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि अमित जोगी पुलिस की कार्रवाई से बच नहीं रहे हैं और जांच में पूरा सहयोग करेंगे।
क्या है पूरा विवाद? वीडियो साझा करने पर दर्ज हुई FIR
दरअसल, पूरा मामला कथित वोट चोरी के मुद्दे पर सोशल मीडिया में साझा किए गए एक वीडियो से जुड़ा है। आरोप है कि अमित जोगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित किया था।
इस मामले में भाजपा विधायक राजेश मूणत ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने वीडियो तैयार करने, उसकी पटकथा लिखने और उसमें भूमिका निभाने वाले सभी संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। शिकायत के आधार पर सिविल लाइंस थाने में अमित जोगी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
विवाद बढ़ने के बाद अमित जोगी ने संबंधित वीडियो सोशल मीडिया से हटा दिया था और सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी। हालांकि, वीडियो को लेकर कानूनी कार्रवाई जारी है।
राज्य विधिज्ञ परिषद ने भी मांगा स्पष्टीकरण
इस विवाद का असर अब कानूनी क्षेत्र में भी दिखाई दे रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद ने भी अधिवक्ता अमित ऐश्वर्य जोगी को पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। यह कार्रवाई बृजेशनाथ पाण्डेय की शिकायत के आधार पर की गई है।
परिषद ने पत्र प्राप्त होने के सात दिनों के भीतर जवाब देने और अपना पक्ष स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं।
9 नवंबर पर टिकी नजरें
फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चा तेज है। अमित जोगी की ओर से 9 नवंबर को रायपुर लौटकर थाने पहुंचने की बात कही गई है। अब देखना होगा कि वे तय तारीख पर पुलिस के सामने उपस्थित होते हैं या नहीं और जांच में उनके बयान के बाद मामले में क्या नया मोड़ आता है।
Author: Khabri Chai
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