Kerala की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। आगामी चुनावों और बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच सवाल उठने लगा है कि राज्य में सत्ता की बाजी आखिर किसके हाथ लगेगी। इसी सियासी उठापटक के बीच Rahul Gandhi भी राजनीतिक मंझधार में घिरे नजर आ रहे हैं।राज्य में कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और रणनीति को लेकर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। पार्टी के कुछ नेता संगठन में बदलाव और नए चेहरे को आगे लाने की मांग कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर वाम मोर्चा और भाजपा भी लगातार अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटे हुए हैं।
)
राहुल गांधी के लिए चुनौती इसलिए भी बड़ी मानी जा रही है क्योंकि Wayanad लोकसभा सीट से उनका सीधा राजनीतिक जुड़ाव रहा है। केरल में कांग्रेस की स्थिति और पार्टी के प्रदर्शन का असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य में जातीय, धार्मिक और क्षेत्रीय समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में कांग्रेस को एकजुट रखना और मतदाताओं का भरोसा बनाए रखना राहुल गांधी के लिए आसान नहीं होगा।वहीं भाजपा और वाम दल कांग्रेस की कमजोरियों को मुद्दा बनाकर जनता के बीच जाने की तैयारी कर रहे हैं। आने वाले महीनों में केरल की राजनीति और ज्यादा दिलचस्प होने की संभावना जताई जा रही है।
Author: Khabri Chai
Khabri Chai news portal.




