छत्तीसगढ़ की पहली महिला खुली जेल शुरू, 25 बंदिनियों को मिलेगा रोजगार का अवसर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिला बंदिनियों के पुनर्वास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल शुरू की गई है। केंद्रीय जेल रायपुर में प्रदेश की पहली महिला खुली जेल (Women Open Correctional Institution-OCI) का शुभारंभ किया गया है। इसका उद्देश्य महिला बंदिनियों को सजा के साथ-साथ सुधार, कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

Raipur Jail Suicide Attempt | Woman Prisoner Alleges Torture

महिला खुली जेल का शुभारंभ डीजी जेल हिमांशु गुप्ता ने किया। इस दौरान जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री, महिला ओपन जेल प्रभारी खुशबू मिश्रा सहित जेल विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

25 महिला बंदिनियों को मिलेगा खुली जेल का लाभ

प्रदेश में पहली बार शुरू की गई इस व्यवस्था के तहत 25 महिला बंदिनियों को रखा जाएगा। इस मॉडल की खास बात यह है कि पात्र बंदिनियों को दिन के समय निर्धारित रोजगार और कार्यों के लिए जेल परिसर से बाहर जाने की अनुमति होगी।

बंदिनियां सुबह तय किए गए कार्यों के लिए बाहर जा सकेंगी और शाम को निर्धारित समय से पहले वापस जेल लौटेंगी। यह व्यवस्था निर्धारित नियमों और निगरानी के तहत संचालित की जाएगी।

सिलाई सेंटर से ब्यूटी पार्लर तक रोजगार

रायपुर केंद्रीय जेल परिसर में उपलब्ध अधोसंरचना का इस्तेमाल करते हुए महिला खुली जेल के लिए रोजगार की विभिन्न व्यवस्थाएं तैयार की गई हैं। जेल की ऊंची दीवारों के बाहर मंदिर के पास स्थित परिसर में सिलाई सेंटर, ब्यूटी पार्लर और जेल उत्पादों की बिक्री केंद्र जैसी गतिविधियों से महिला बंदिनियों को जोड़ा जाएगा।

इसके अलावा भविष्य में उनकी रुचि, क्षमता और उपलब्ध अवसरों के अनुसार रोजगार के दूसरे विकल्प भी उपलब्ध कराने की योजना है।

रिहाई के बाद सामान्य जीवन के लिए तैयारी

महिला खुली जेल की व्यवस्था का उद्देश्य बंदिनियों को केवल जेल की चारदीवारी तक सीमित रखने के बजाय उन्हें जिम्मेदारी के साथ काम करने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर देना है।

रोजगार और कौशल विकास से जुड़ने के दौरान बंदिनियों को कामकाजी माहौल का अनुभव मिलेगा। इससे उन्हें जेल से रिहाई के बाद समाज में दोबारा स्थापित होने में मदद मिलने की उम्मीद है।

सुधार और पुनर्वास पर जोर

जेल विभाग की इस पहल में सजा के साथ सुधार और पुनर्वास की अवधारणा पर जोर दिया गया है। नियंत्रित और निर्धारित व्यवस्था के तहत रोजगार करने का अवसर मिलने से महिला बंदिनियों में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ में शुरू हुई यह पहली महिला ओपन जेल महिला बंदिनियों के पुनर्वास के लिए एक नई व्यवस्था के रूप में सामने आई है। आने वाले समय में इसके तहत रोजगार के और विकल्प जोड़े जाने की संभावना है।

Khabri Chai
Author: Khabri Chai

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