छत्तीसगढ़ में कब्र से शव निकालने पर SC सख्त, अंतिम सुनवाई तक रोक

नई दिल्लीसुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ में आदिवासी ईसाइयों के दफनाए गए शवों को कब्र से निकालकर दूसरे स्थान पर दफनाने की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई तक किसी भी दफनाए गए शव को कब्र से बाहर नहीं निकाला जाएगा।

यह मामला छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में आदिवासी ईसाई समुदाय के अंतिम संस्कार को लेकर उत्पन्न विवाद से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत को बताया कि कुछ स्थानों पर प्रशासन और स्थानीय समूहों द्वारा दफनाए गए शवों को कब्र से निकालकर अन्य स्थानों पर पुनः दफनाने का दबाव बनाया जा रहा था, जिससे धार्मिक स्वतंत्रता और मानवीय गरिमा के अधिकार का उल्लंघन हो रहा है।

मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अंतिम निर्णय होने तक यथास्थिति बनाए रखना आवश्यक है। कोर्ट ने राज्य प्रशासन को निर्देश दिया कि किसी भी प्रकार की जबरन कार्रवाई से बचा जाए और शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखी जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आदेश सभी संबंधित पक्षों पर समान रूप से लागू होगा।

याचिका में यह भी कहा गया था कि आदिवासी ईसाई समुदाय अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार करना चाहता है, लेकिन स्थानीय स्तर पर इसका विरोध किया जा रहा है। याचिकाकर्ताओं ने इसे संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है और प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह इस दौरान किसी भी प्रकार की तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न न होने दे। अदालत ने कहा कि अंतिम फैसले तक दफनाए गए शवों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

इस फैसले को आदिवासी ईसाई समुदाय के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदेश धार्मिक अधिकारों और मानव गरिमा से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण मिसाल साबित हो सकता है।

मामले की अगली सुनवाई की तारीख जल्द तय की जाएगी, जिसमें अदालत राज्य सरकार और अन्य पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अंतिम निर्णय देगी।

Khabri Chai
Author: Khabri Chai

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