डोंगरगढ़ में पंचमी भेंट विवाद खत्म! गोंड समाज, मंदिर ट्रस्ट और राजपरिवार में बनी सहमति, सोशल मीडिया पर बयानबाजी से बढ़ी चिंता

डोंगरगढ़। पंचमी भेंट विवाद पर बनी सहमति, अब सोशल मीडिया पर उठे सवाल

छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर में पंचमी भेंट पूजा की परंपरा को लेकर चल रहा विवाद अब सहमति के बाद शांत होता नजर आ रहा है। गोंड समाज, मां बम्लेश्वरी मंदिर ट्रस्ट और खैरागढ़ राजपरिवार के राजकुमार भवानी बहादुर सिंह के बीच जिला प्रशासन की मौजूदगी में हुई बैठक में आपसी सहमति बनी है। बैठक में तय किया गया कि मंदिर में रियासतकाल से चली आ रही व्यवस्था जारी रहेगी और गोंड समाज की पारंपरिक पंचमी भेंट के निर्वहन में भी सभी पक्ष सहयोग करेंगे।

डोंगरगढ़ स्थित मां बम्लेश्वरी मंदिर का दृश्य

हालांकि, सहमति बनने के बाद भी सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक बयान और पोस्ट प्रसारित किए जाने का आरोप सामने आया है। इसे लेकर गोंड समाज, मंदिर ट्रस्ट और राजपरिवार के प्रतिनिधियों ने संयुक्त रूप से प्रशासन को लिखित आवेदन सौंपकर जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है।

क्या था पंचमी भेंट का पूरा विवाद?

मां बम्लेश्वरी मंदिर में पंचमी भेंट की परंपरा को लेकर पहले भी मतभेद सामने आते रहे हैं। गोंड समाज इस परंपरा को अपने पूर्वजों से चली आ रही धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा बताता है। समाज की ओर से आंगा देव के साथ पारंपरिक पूजा पद्धति के निर्वहन का मुद्दा उठाया जाता रहा है।

दूसरी ओर, मंदिर की पूजा व्यवस्था, गर्भगृह में प्रवेश और परंपराओं के पालन से जुड़े नियमों को लेकर भी चर्चा होती रही। इस दौरान मंदिर प्रबंधन और विभिन्न पक्षों की भूमिका को लेकर बयान सामने आए, जिसके बाद मामला धार्मिक परंपरा के साथ-साथ मंदिर की व्यवस्था से जुड़ा विषय बन गया।

विवाद को सुलझाने के लिए जिला प्रशासन की मौजूदगी में संबंधित पक्षों के बीच बैठक आयोजित की गई। चर्चा के बाद सभी पक्षों ने सहमति जताई कि मंदिर की रियासतकालीन व्यवस्था को बनाए रखा जाएगा और गोंड समाज की पंचमी भेंट परंपरा में भी सहयोग किया जाएगा।

सहमति के बाद भी सोशल मीडिया पर बयानबाजी का आरोप

इस मामले में अब सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही पोस्ट और बयानों को लेकर चिंता जताई गई है। संयुक्त आवेदन में आरोप लगाया गया है कि बैठक में सहमति बनने के बावजूद कुछ लोग फेसबुक, व्हाट्सऐप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी बातें साझा कर रहे हैं, जिनसे लोगों के बीच भ्रम पैदा हो सकता है।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की कथित बयानबाजी से धार्मिक भावनाओं और सामाजिक सौहार्द पर असर पड़ने की आशंका है। इसलिए संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट और ग्रुप की जांच कराई जानी चाहिए तथा कानून का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

SDM और SDOP को सौंपा गया संयुक्त आवेदन

14 अक्टूबर 2026 को दिए गए आवेदन में गोंड समाज, मंदिर ट्रस्ट और राजपरिवार के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मामले की जांच करने और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने का अनुरोध किया है। आवेदन में कथित भ्रामक जानकारी प्रसारित करने वालों की पहचान कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी की गई है।

फिलहाल, यह शिकायत प्रशासन के समक्ष रखी गई है। कार्रवाई को लेकर प्रशासन की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।

परंपरा और आपसी सौहार्द बनाए रखने पर जोर

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि विवाद से जुड़े तीनों पक्ष जिला प्रशासन की मौजूदगी में बातचीत कर सहमति पर पहुंचे हैं। सहमति के अनुसार मंदिर की पुरानी व्यवस्था जारी रखने के साथ गोंड समाज की पंचमी भेंट परंपरा में सहयोग करने का निर्णय लिया गया है।

ऐसे में अब जरूरी है कि सहमति के आधार पर परंपराओं का निर्वहन किया जाए और सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी अपुष्ट जानकारी को बिना जांचे-परखे साझा करने से बचा जाए। इससे धार्मिक आस्था, सामाजिक सौहार्द और क्षेत्र की शांति बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

Khabri Chai
Author: Khabri Chai

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