रायपुर। राजधानी रायपुर के तेलीबांधा मरीन ड्राइव में मंगलवार को मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का सहज अंदाज देखने को मिला। सड़क किनारे मिट्टी के दीये बेच रही मीरा के पसरे के पास मुख्यमंत्री का काफिला अचानक रुका। मुख्यमंत्री ने वहां रखे दीयों को देखा और ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के लिए मीरा से एक मिट्टी का दीया खरीदा।

मुख्यमंत्री ने मीरा को एक हजार रुपए दिए और उसके श्रम, स्वाभिमान तथा स्वावलंबन का सम्मान किया। मुख्यमंत्री के अचानक वहां पहुंचने से आसपास मौजूद लोगों के लिए भी यह सुखद आश्चर्य का क्षण रहा।
मीरा से पूछा- सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है?
मुख्यमंत्री साय ने बिना किसी औपचारिकता के मीरा से उसके कामकाज और परिवार का हालचाल पूछा। बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी जाना कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उसे मिल रहा है या नहीं।
मीरा ने बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत उसका बैंक खाता खुला हुआ है। उसने यह भी बताया कि उसे महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने एक हजार रुपए की राशि मिल रही है।
योजनाओं का लाभ मिलने की जानकारी पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं की सार्थकता तभी है, जब उनका लाभ सीधे जरूरतमंद और पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और उनके जीवन को बेहतर बनाने में मदद करे।
स्थानीय श्रम और स्वावलंबन को बढ़ावा देने का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क किनारे पसरा लगाने वाले छोटे विक्रेताओं से लेकर कुम्हार, शिल्पकार और स्थानीय उत्पाद तैयार करने वाली महिलाओं तक, सभी के परिश्रम में आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की शक्ति निहित है। ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पाद खरीदना केवल किसी वस्तु की खरीदारी नहीं है, बल्कि उसके पीछे जुड़े परिवार के श्रम, कारीगर के हुनर और छोटे व्यवसायी की आजीविका को सम्मान देना भी है।
‘आशीर्वाद का दीया’ बनेगा सेवा और जनभागीदारी का प्रतीक
मीरा से मुख्यमंत्री द्वारा खरीदा गया मिट्टी का दीया अब ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का हिस्सा बनेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में दीया केवल प्रकाश का माध्यम नहीं, बल्कि आशा और सकारात्मक संकल्प का प्रतीक है। जिस तरह एक छोटा सा दीया अपने आसपास का अंधकार दूर करता है, उसी तरह समाज का प्रत्येक व्यक्ति सेवा का छोटा सा संकल्प लेकर सकारात्मक बदलाव में योगदान दे सकता है।
उन्होंने प्रदेशवासियों से सेवा संकल्प अभियान से जुड़ने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जरूरतमंदों की सहायता और स्थानीय कारीगरों एवं छोटे विक्रेताओं को प्रोत्साहन देने जैसे कार्यों में भागीदारी की अपील की।
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा संकल्प अभियान
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित रहे हैं। प्रधानमंत्री के जन्मदिवस 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अभियान सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को जनभागीदारी के माध्यम से मजबूत करने का अवसर है। सेवा का कोई भी कार्य छोटा नहीं होता। किसी जरूरतमंद की मदद करना, स्वच्छता में योगदान देना, पौधा लगाकर उसकी देखभाल करना या स्थानीय कारीगर से सामान खरीदना भी जनसेवा का माध्यम बन सकता है।
तेलीबांधा मरीन ड्राइव पर मीरा के छोटे से पसरे से खरीदा गया मिट्टी का दीया इसी संदेश को सामने लाता है—एक ओर मेहनत से आजीविका कमाने वाली महिला के श्रम और स्वावलंबन का सम्मान, तो दूसरी ओर सेवा और जनभागीदारी के संकल्प से जुड़ने की पहल।
इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित रहे।
Author: Khabri Chai
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