दिल्ली की ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में छत्तीसगढ़ कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, 25 बसों में पहुंचे कार्यकर्ता

दिल्ली की रैली में छत्तीसगढ़ कांग्रेस की बड़ी भागीदारी

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली में छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अपनी मजबूत भागीदारी दर्ज कराई। INDIA गठबंधन की ओर से आयोजित इस प्रदर्शन में प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल हुए।

INC Chhattisgarh on X: "लोकतंत्र की आवाज़ बुलंद करने, दिल्ली की ओर कांग्रेस  कार्यकर्ताओं का कूच.. आगामी 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में ...

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने रैली में हिस्सा लिया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने के लिए 25 बसों की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा कई कार्यकर्ता ट्रेन और फ्लाइट के जरिए भी राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे।

कांग्रेस की इस भागीदारी को पार्टी के संगठनात्मक प्रदर्शन और राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकजुटता दिखाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

25 बसों में दिल्ली पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता

छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस रैली में हिस्सा लिया। रायपुर के अलावा कोरबा, जांजगीर-चांपा, सक्ती, बालोद और राजनांदगांव समेत कई क्षेत्रों से कार्यकर्ता दिल्ली पहुंचे।

दिल्ली रवाना होने से पहले 30 अक्टूबर को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने रायपुर के बीटीआई मैदान से कार्यकर्ताओं की बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। पार्टी के अनुसार, इस अभियान में बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से लेकर वरिष्ठ नेताओं तक की भागीदारी रही।

कांग्रेस ने इस रैली के जरिए प्रदेश के संगठन को राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ने और मतदाता सूची तथा चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करने का प्रयास किया।

राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव भी हुए शामिल

रामलीला मैदान में आयोजित रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत INDIA गठबंधन के कई प्रमुख नेता शामिल हुए।

इसके अलावा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव, फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, अभिषेक बनर्जी और सुप्रिया सुले सहित विपक्ष के कई नेताओं की मौजूदगी भी बताई गई।

रैली के जरिए विपक्षी दलों ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाताओं के अधिकार और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर अपना पक्ष रखा।

मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक निकाला गया मार्च

मुख्य रैली से पहले विपक्षी नेताओं ने मिंटो रोड से रामलीला मैदान तक मार्च निकाला। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत कई नेता खुले वाहन में सवार होकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे। इस दौरान रास्ते में समर्थकों और कार्यकर्ताओं की भीड़ दिखाई दी।

मार्च और रैली के माध्यम से विपक्षी दलों ने चुनाव व्यवस्था से जुड़े सवालों को राष्ट्रीय राजनीतिक बहस के केंद्र में लाने की कोशिश की।

चुनाव आयोग और SIR को लेकर विपक्ष ने जताया विरोध

रैली में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग भी उठाई।

विपक्ष की प्रमुख मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाना, SIR के तहत मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया पर पुनर्विचार और चुनाव में बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग शामिल रही।

विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटना चाहिए। वहीं, SIR को लेकर राजनीतिक दलों के बीच जारी मतभेद ने चुनावी प्रक्रिया पर बहस को और तेज कर दिया है।

राष्ट्रीय मुद्दों पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने दिखाई सक्रियता

दिल्ली की इस रैली में छत्तीसगढ़ कांग्रेस की भागीदारी ने प्रदेश की राजनीति को भी राष्ट्रीय मुद्दों से जोड़ा। 25 बसों के जरिए कार्यकर्ताओं को दिल्ली भेजने और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी के साथ पार्टी ने संगठनात्मक सक्रियता प्रदर्शित की।

रैली के जरिए कांग्रेस ने मतदाता अधिकार, चुनावी पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। आने वाले समय में इन विषयों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी रहने की संभावना है।

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Author: Khabri Chai

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