दुर्ग। दीपावली से पहले छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में मिठाइयों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जांच अभियान तेज कर दिया है। मंगलवार को विभाग की टीम ने शहर के प्रमुख मिठाई प्रतिष्ठानों तृप्ति, जलाराम नमकीन एंड डेयरी और पन्ना स्वीट्स का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दुकानों की साफ-सफाई, मिठाई बनाने की जगह और भंडारण व्यवस्था की जांच की गई। साथ ही विभिन्न मिठाइयों और नमकीन के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।

त्योहारी सीजन में मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका को देखते हुए विभाग यह अभियान चला रहा है। जांच में विशेष रूप से खोवा, पनीर, मिठाइयों पर इस्तेमाल होने वाली सिल्वर लीफ और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर ध्यान दिया जा रहा है।
नवरात्रि के बाद से लगातार चल रहा जांच अभियान
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के डेजिग्नेटेड ऑफिसर जितेंद्र कुमार नेले के मुताबिक, दीपावली को देखते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच तेज की गई है। खाद्य आयुक्त दीपक अग्रवाल के निर्देश पर त्योहारी सीजन में यह अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि नवरात्रि के बाद से विभाग की टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं। शुरुआत में ग्रामीण क्षेत्रों में जांच की गई और इसके बाद शहरी क्षेत्रों के प्रतिष्ठानों को भी अभियान में शामिल किया गया। इसी क्रम में दुर्ग के प्रमुख मिठाई दुकानों का निरीक्षण कर नमूने लिए जा रहे हैं।
विभाग के अनुसार, जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा। नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
खोवा, पनीर और सिल्वर लीफ की गुणवत्ता पर नजर
दीपावली के दौरान मिठाइयों की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य विभाग उन सामग्रियों की गुणवत्ता की जांच कर रहा है, जिनका इस्तेमाल मिठाइयां तैयार करने में होता है।
खोवा की जांच: मिठाइयों में इस्तेमाल होने वाला खोवा निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं, इसकी जांच की जाएगी। साथ ही स्टार्च जैसी अन्य सामग्री की संभावित मिलावट की भी पड़ताल होगी।
पनीर की गुणवत्ता: पनीर की शुद्धता और उसमें इस्तेमाल होने वाले पदार्थों की जांच की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों के अनुसार तैयार किए गए हैं या नहीं।
मिठाइयों पर लगी चांदी की परत: मिठाइयों को सजाने के लिए इस्तेमाल होने वाली सिल्वर लीफ की गुणवत्ता और शुद्धता की जांच भी अभियान का हिस्सा है।
साफ-सफाई और भंडारण: मिठाई बनाने की जगह, किचन, भंडार गृह और कर्मचारियों की स्वच्छता का निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित हो सके।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रयोगशाला जांच में मिलावट या खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
दुकानदार ने बताया- कर्मचारियों को ग्लव्स और कैप पहनने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जलाराम मिष्ठान भंडार के प्रतिनिधि राज आड़तिया ने प्रतिष्ठान में स्वच्छता संबंधी नियमों के पालन की बात कही। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों को हाथों में ग्लव्स और सिर पर कैप पहनने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों के अनुरूप साफ-सफाई बनाए रखने का प्रयास किया जाता है। साथ ही ग्राहकों से खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी गुणवत्ता और स्वच्छता पर ध्यान देने की अपील की।
मिठाई खरीदते समय ग्राहक इन बातों का रखें ध्यान
त्योहार के दौरान मिठाइयां खरीदते समय उपभोक्ताओं को कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए।
- मिठाई की ताजगी और दुकान में साफ-सफाई पर ध्यान दें।
- बहुत ज्यादा चमकीले या असामान्य रंग वाली मिठाइयों को लेकर सतर्क रहें।
- पैकेटबंद खाद्य पदार्थ खरीदते समय निर्माण और उपयोग की अंतिम तारीख देखें।
- पैकेट पर खाद्य लाइसेंस और जरूरी जानकारी की जांच करें।
- खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता पर संदेह होने पर संबंधित विभाग में शिकायत करें।
चांदी की परत लगी मिठाइयों की असलियत केवल देखकर या रगड़कर तय नहीं की जा सकती। उसकी गुणवत्ता और शुद्धता की पुष्टि उचित परीक्षण से ही होती है।
लैब रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
दुर्ग में तृप्ति, जलाराम नमकीन एंड डेयरी और पन्ना स्वीट्स से लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल इन प्रतिष्ठानों में मिलावट की पुष्टि होने की जानकारी सामने नहीं आई है।
त्योहारी सीजन में खाद्य विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। अब जांच रिपोर्ट पर नजर रहेगी, जिसके आधार पर नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
Author: Khabri Chai
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