बिलासपुर। धनतेरस के अवसर पर बिलासपुर के बाजारों में इस बार जमकर रौनक देखने को मिली। सोने-चांदी से लेकर वाहन, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स और पटाखों तक हर बाजार में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी। कारोबारियों के शुरुआती अनुमान के मुताबिक, धनतेरस के एक ही दिन में शहर में करीब 1000 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी जबरदस्त उत्साह रहा, जहां एक दिन में 500 से अधिक कारों की डिलीवरी की गई, जबकि करीब 200 नई कारों की बुकिंग भी हुई।

सोने-चांदी की कीमतों के बावजूद सराफा बाजार में रौनक
धनतेरस पर शुभ मुहूर्त में खरीदारी करने के लिए लोग सुबह से ही परिवार के साथ बाजार पहुंचने लगे थे। सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद ग्राहकों का उत्साह कम नहीं हुआ। सराफा बाजार में सोने-चांदी के सिक्कों, देवी-देवताओं की मूर्तियों और आकर्षक फैंसी ज्वेलरी की अच्छी मांग रही। देर रात करीब 12 बजे तक दुकानों में ग्राहकों की आवाजाही बनी रही।
ऑटोमोबाइल बाजार में 500 से ज्यादा कारों की डिलीवरी
वाहन खरीदने को लेकर भी लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। शहर के विभिन्न ऑटोमोबाइल शोरूम में सुबह से ही ग्राहकों की भीड़ जुटने लगी थी। दोपहिया वाहनों के साथ चारपहिया गाड़ियों की भी जमकर बिक्री हुई। कारोबारियों के अनुसार, धनतेरस के शुभ अवसर पर 500 से अधिक कारें ग्राहकों को सौंपी गईं, वहीं लगभग 200 कारों की नई बुकिंग दर्ज की गई। कई परिवार शुभ मुहूर्त में ही नई गाड़ी घर ले जाने के लिए शोरूम पहुंचे।
गोलबाजार और शनिचरी बाजार में बर्तनों की जमकर खरीदारी
धनतेरस पर धातु की वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है। इसी परंपरा के चलते गोलबाजार और शनिचरी बाजार में बर्तनों की दुकानों पर दिनभर भीड़ लगी रही। लोगों ने तांबे, पीतल और कांसे के बर्तनों के साथ अपनी जरूरत के अनुसार अन्य घरेलू सामानों की खरीदारी की।
वहीं तेलीपारा और जूना बिलासपुर के इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में भी अच्छी बिक्री हुई। दीपावली की सजावट के लिए रंग-बिरंगी लाइटों और आकर्षक इलेक्ट्रॉनिक सजावटी सामानों की मांग रही। इसके अलावा टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन सहित अन्य घरेलू उपकरणों की भी खूब बिक्री हुई।
पटाखा कारोबार 50 करोड़ रुपये के पार पहुंचने का दावा
दीपावली से पहले पटाखा बाजारों में भी खरीदारों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। शुक्रवार सुबह से देर रात तक पटाखा दुकानों में लोगों की भीड़ लगी रही। कारोबारियों ने एक ही दिन में 50 करोड़ रुपये से अधिक के पटाखों की बिक्री होने का दावा किया है।
इस बार बाजार में कई नई वैरायटी के फैंसी पटाखे उपलब्ध हैं। बच्चों के लिए पॉप-पॉप और चुटपुट के अलावा फुलझड़ी, फ्लावर पॉट, रॉकेट, लड़ियां और बड़े बम भी खरीदारों की पसंद बने। शहर के मुंगेली नाका स्थित ग्रीन पार्क मैदान, रिवर व्यू रोड और बुधवारी बाजार सहित कई स्थानों पर पटाखों की दुकानें सजाई गई हैं।
आज नरक चतुर्दशी, कल दीपावली का पर्व
धनतेरस के बाद अब शहर में नरक चतुर्दशी और दीपावली की तैयारियां तेज हो गई हैं। बिलासपुर में शनिवार को नरक चतुर्दशी और रविवार को दीपावली मनाई जाएगी। नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली के नाम से भी जाना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध कर लोगों को उसके अत्याचारों से मुक्ति दिलाई थी। इस अवसर पर सूर्योदय से पहले स्नान, घर की साफ-सफाई और दीपदान की परंपरा है।
ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज तिवारी के अनुसार, नरक चतुर्दशी पर भगवान श्रीकृष्ण, यमराज और हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन घर के मुख्य द्वार और अलग-अलग कोनों में दीपक जलाए जाते हैं। यमराज के नाम से यम दीप जलाने की भी परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि इससे परिवार की विपत्तियों से रक्षा होती है और घर में सुख-समृद्धि एवं शांति बनी रहती है।
Author: Khabri Chai
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