धमतरी का बिरेतरा गांव बना मिसाल: शाम 6 बजे बाद बच्चों के बाहर निकलने पर जुर्माना

छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित बिरेतरा गांव ने शिक्षा और नशामुक्ति को बढ़ावा देने के लिए एक अनोखी पहल शुरू की है। गांव की ग्राम पंचायत और ग्राम विकास समिति ने मिलकर ऐसा नियम लागू किया है, जिसके तहत शाम 6 बजे के बाद कोई भी स्कूली छात्र सड़क, गली या सार्वजनिक स्थान पर घूमता हुआ मिला तो उसके माता-पिता पर 5 हजार रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा।

यह फैसला हाल ही में गांव के रंगमंच पर आयोजित बैठक में लिया गया, जिसमें पंचायत प्रतिनिधि, बुजुर्ग, महिलाओं और शाला प्रबंधन समिति के सदस्यों ने भाग लिया। ग्रामीणों के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों को पढ़ाई के प्रति जागरूक करना और उन्हें नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रखना है।

गांव में इस नियम के प्रभाव के चलते शाम होते ही सन्नाटा छा जाता है और विद्यार्थी घरों में रहकर पढ़ाई करते नजर आते हैं। आगामी 20 फरवरी से शुरू होने वाली 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि विद्यार्थी बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

ग्राम पंचायत ने नियमों के पालन के लिए वार्ड निगरानी समितियों का गठन किया है, जो सुबह और शाम बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखती हैं। ग्रामीण भी इस पहल में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और यदि कोई बच्चा बाहर दिखाई देता है तो उसे पढ़ाई के लिए घर भेजने की समझाइश दी जाती है।

गांव में शिक्षा को लेकर पहले भी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। वर्ष 2024-25 में 10वीं कक्षा की छात्रा मेनका साहू ने 92.17 प्रतिशत और सुमन साहू ने 89.17 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे, जबकि 12वीं में नम्रता साहू ने 80 प्रतिशत और कविता साहू ने 74 प्रतिशत अंक हासिल किए। वर्तमान में गांव के हाई स्कूल में 241 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, जबकि पहली से 12वीं तक कुल 408 छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं।

इसके अलावा गांव में नशामुक्ति को लेकर भी सख्त नियम बनाए गए हैं। रात 8 बजे के बाद सभी दुकानें बंद रखने का निर्देश है। गुटखा, बीड़ी, सिगरेट, पानी पाउच और डिस्पोजल की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। सार्वजनिक स्थानों पर शराब या नशीले पदार्थों का सेवन वर्जित है, जबकि नशे का सामान बेचते पकड़े जाने पर 10 से 50 हजार रुपए तक का जुर्माना तय किया गया है।

उप सरपंच मनीष साहू के अनुसार, गांव ने 10वीं कक्षा में 85 प्रतिशत और 12वीं में 100 प्रतिशत परीक्षा परिणाम का लक्ष्य निर्धारित किया है। बिरेतरा गांव की यह पहल शिक्षा और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में सामने आई है।

Khabri Chai
Author: Khabri Chai

Khabri Chai news portal.

Advertisement Carousel