मोहला-मानपुर। छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर जिले के आदिवासी अंचल से एक ऐसी प्रेरणादायक खबर सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। ग्राम खड़गांव की होनहार खिलाड़ी कुमारी गीतांजलि चौधरी ने नेपाल में आयोजित अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो मार्शल आर्ट प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर भारत, छत्तीसगढ़ और अपने जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है।
नेपाल के खूबसूरत शहर पोखरा में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में गीतांजलि ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने क्योरगी (Kyorugi) स्पर्धा में दमदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि प्योंसी (Poomsae) स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर रजत पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
छह देशों के खिलाड़ियों को पछाड़कर जीता स्वर्ण
क्योरगी स्पर्धा में भारत के अलावा नेपाल, श्रीलंका, भूटान, बांग्लादेश और ब्राजील के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कड़े मुकाबलों के बीच गीतांजलि ने एक-एक कर सभी प्रतिद्वंद्वियों को हराते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। निर्णायक मुकाबले में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक जीतकर भारतीय तिरंगे की शान बढ़ाई।
वहीं प्योंसी स्पर्धा में भी उनके तकनीकी कौशल और अनुशासित प्रदर्शन ने उन्हें रजत पदक दिलाया। दो पदकों के साथ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का बेहतरीन परिचय दिया।
गांव में हुआ भव्य स्वागत, उत्सव जैसा माहौल
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता से लौटने के बाद जब गीतांजलि अपने गृहग्राम खड़गांव पहुंचीं तो ग्रामीणों ने उनका ऐतिहासिक स्वागत किया। ढोल-नगाड़ों की गूंज, पुष्पवर्षा और जयघोष के बीच पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। ग्रामीणों ने अपनी बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए भव्य अभिनंदन समारोह आयोजित किया।
गीतांजलि की सफलता ने गांव के बच्चों और युवाओं में भी खेलों के प्रति नया उत्साह भर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं
स्वागत समारोह में क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इनमें विधायक इंद्रशाह मंडावी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मानपुर के अध्यक्ष बालचंद कोरेटी, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पुष्पा मंडावी, कृषि सभापति श्रीमती सईदा खान, नरेंद्र देशमुख, तोमन साहू, थाना खड़गांव के निरीक्षक गणेश यादव, भाजपा नेता मानसिंह टेकाम, पत्रकार विजय मित्तल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।

‘आदिवासी अंचल की बेटियां किसी से कम नहीं’
इस अवसर पर विधायक इंद्रशाह मंडावी ने कहा कि आदिवासी अंचल की बेटियां प्रतिभा, मेहनत और साहस के मामले में किसी से कम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि गीतांजलि चौधरी की यह उपलब्धि पूरे मोहला-मानपुर जिले के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।
उन्होंने विश्वास जताया कि यदि इसी समर्पण और मेहनत के साथ गीतांजलि आगे बढ़ती रहीं तो भविष्य में वे ओलंपिक जैसे विश्वस्तरीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर देश के लिए और बड़े सम्मान अर्जित करेंगी।
प्रदेश के लिए गर्व का क्षण
गीतांजलि चौधरी की यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यदि उन्हें सही अवसर, प्रशिक्षण और संसाधन मिलें तो वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का परचम लहरा सकती हैं।
मोहला-मानपुर की इस बेटी ने यह साबित कर दिया है कि बुलंद हौसले, कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी की लहर है और प्रदेशवासियों को उनसे भविष्य में भी बड़ी उम्मीदें हैं।
Author: Khabri Chai
Khabri Chai news portal.





