भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत से सनसनी फैल गई। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर निवासी 35 वर्षीय नरेंद्र साहू पर अपनी मां, पत्नी और दो बच्चों की हत्या करने के बाद खुदकुशी करने का आरोप है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, नरेंद्र पर करीब 30 से 40 लाख रुपये का कर्ज था। बताया जा रहा है कि कर्ज चुकाने में आ रही परेशानी के चलते वह लंबे समय से आर्थिक दबाव में था। हालांकि, इस घटना के पीछे की वास्तविक वजह का खुलासा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगा।
सोते हुए परिवार पर हथौड़े और चाकू से हमला
पुलिस के अनुसार, नरेंद्र ने रात के समय घर में सो रहे परिजनों पर पहले हथौड़े से हमला किया। इसके बाद चाकू से उनका गला काट दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद वह घर से करीब दो किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक पर पहुंचा और ट्रेन की चपेट में आकर उसकी मौत हो गई।
सोमवार सुबह रेलवे ट्रैक के पास नरेंद्र का शव मिलने की सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे। इसके बाद जब वे उसके किराये के मकान में पहुंचे तो घर के अंदर परिवार के चार सदस्यों के शव मिले। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
मकान और गाड़ियां बेचने के बाद भी नहीं चुका पाया कर्ज
परिजनों के मुताबिक, नरेंद्र पर साहूकारों और अन्य लोगों का करीब 30 से 40 लाख रुपये बकाया था। कर्ज चुकाने के लिए उसने अपना मकान और गाड़ियां तक बेच दी थीं, लेकिन इसके बावजूद उसकी आर्थिक परेशानियां खत्म नहीं हुईं।
बताया जा रहा है कि नरेंद्र पहले होटल का कारोबार करता था, लेकिन आर्थिक स्थिति बिगड़ने के बाद उसे यह काम बंद करना पड़ा। इसके बाद उसने सीहोर जिले के आष्टा स्थित एक रिसोर्ट में रसोइये की नौकरी शुरू की थी। हालांकि, करीब 15 दिन पहले उसने यह नौकरी भी छोड़ दी थी।
बहन ने बताया- तनाव में रहता था नरेंद्र
नरेंद्र की बहन मधु के अनुसार, वह पिछले कुछ समय से काफी तनाव में रह रहा था। परिवार को उसकी आर्थिक परेशानियों की जानकारी थी, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इस तरह का कदम उठा सकता है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नरेंद्र ने किन-किन लोगों से कर्ज लिया था, कुल कितनी रकम बकाया थी और घटना से पहले उसके साथ क्या परिस्थितियां बनी थीं।
किराये के मकान में रहता था परिवार
नरेंद्र मूल रूप से छत्तीसगढ़ के बिलासपुर का रहने वाला था। वह भोपाल के मालीखेड़ी स्थित प्रधानमंत्री आवास योजना की एलआईजी कॉलोनी में किराये के मकान में अपनी मां, पत्नी और दो बच्चों के साथ रह रहा था।
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह नरेंद्र के बहनोई दीपक को फोन कर सूखी सेवनिया रेलवे ट्रैक के पास बुलाया गया था। वहां पहुंचने पर उन्हें नरेंद्र का शव मिला। इसके बाद परिजन घर पहुंचे तो वहां चार लोगों के शव देखकर उनके होश उड़ गए। घर के बाहरी कमरे में दादी और पोती के शव मिले, जबकि अंदर के कमरे में मां और बेटे मृत अवस्था में पड़े थे।
जूस के पैकेट और बोतलें भी मिलीं, फोरेंसिक जांच जारी
घटनास्थल से पुलिस को खून से सना चाकू, हथौड़ा, आम के जूस के पैकेट और कांच की बोतलें मिली हैं। इन सामानों को जांच के लिए जब्त किया गया है। जूस के पैकेट और बोतलों की मौजूदगी के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि वारदात से पहले परिवार के सदस्यों को कोई नशीला या जहरीला पदार्थ दिया गया हो सकता है। हालांकि, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट होगी।
मोबाइल और आर्थिक लेनदेन की जांच कर रही पुलिस
डीसीपी आदर्शकांत शुक्ला के मुताबिक, पुलिस ने घटनास्थल से मिले सामान को जांच के लिए भेजा है। नरेंद्र के मोबाइल फोन की भी पड़ताल की जा रही है। इसके साथ ही उसके कर्ज के स्रोत, आर्थिक लेनदेन और घटना से पहले की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम और इस सामूहिक हत्याकांड के पीछे की परिस्थितियों का स्पष्ट पता चल सकेगा।
जरूरी बात: आर्थिक संकट या कर्ज का दबाव बेहद गंभीर हो सकता है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में हिंसा या खुदकुशी इसका समाधान नहीं है। ऐसी परेशानी में व्यक्ति को अकेले न रहने दें और परिवार, भरोसेमंद लोगों या पेशेवर सहायता से तुरंत संपर्क करें।
Author: Khabri Chai
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