रायपुर। राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां मोबाइल फोन गुम होने के बाद एक 70 वर्षीय बुजुर्ग के बैंक खाते से करीब 3 लाख रुपये पार हो गए। शातिर ठगों ने महज तीन दिनों के भीतर यूपीआई के जरिए तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर कुल 2,99,998 रुपये दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान पीड़ित को बैंक की ओर से ट्रांजेक्शन का कोई मैसेज तक नहीं मिला।

बुजुर्ग को इस धोखाधड़ी का पता 30 अक्टूबर को चला, जब उनके मोबाइल पर बैंक खाते में केवल 10 हजार रुपये शेष होने का संदेश आया। इसके बाद उन्होंने बैंक पहुंचकर खाते का स्टेटमेंट निकलवाया, तो तीन दिनों तक हुई लाखों रुपये की निकासी का खुलासा हुआ।
शुक्रवारी बाजार में गुम हुआ था मोबाइल
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, डंगनिया स्थित बम्लेश्वरी मंदिर के पास साई मंदिर रोड निवासी 70 वर्षीय राजेश खरे सीएसईबी के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं। उनका यूको बैंक की फाफाडीह मुख्य शाखा में बैंक खाता है।
बताया गया कि 23 अक्टूबर को वे शुक्रवारी बाजार गए थे, जहां उनका मोबाइल फोन कहीं गुम हो गया। मोबाइल नहीं मिलने पर उन्होंने आजाद चौक थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद उन्होंने उसी मोबाइल नंबर का दूसरा सिम कार्ड भी ले लिया। हालांकि, मोबाइल गुम होने के कुछ दिनों बाद ही उनके बैंक खाते से रकम निकलनी शुरू हो गई।
26 से 28 अक्टूबर के बीच तीन बार निकाले पैसे
पीड़ित के मुताबिक, 26, 27 और 28 अक्टूबर को उनके बैंक खाते से यूपीआई के माध्यम से तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन किए गए। इन तीनों ट्रांजेक्शन में कुल 2,99,998 रुपये दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए गए।
इस पूरी अवधि में बुजुर्ग को बैंक की ओर से ट्रांजेक्शन संबंधी कोई सूचना नहीं मिली। 30 अक्टूबर को खाते में महज 10 हजार रुपये शेष होने का मैसेज आने के बाद उन्हें शक हुआ। बैंक जाकर स्टेटमेंट निकलवाने पर पता चला कि उनके खाते से लगभग पूरी जमा रकम निकाली जा चुकी है।
डीडी नगर पुलिस ने दर्ज किया अपराध, जांच जारी
घटना की शिकायत मिलने के बाद डीडी नगर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि मोबाइल गुम होने के बाद आरोपी ने बैंक खाते और यूपीआई तक पहुंच कैसे बनाई।
इसके साथ ही जिन बैंक खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर की गई है, उनकी भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस वारदात के पीछे कौन है और मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर बैंकिंग जानकारी तक कैसे पहुंच बनाई गई।
मोबाइल गुम होने पर तुरंत करें ये काम
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मोबाइल खोने पर सबसे पहले सिम कार्ड ब्लॉक कराएं।
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बैंक के कस्टमर केयर से संपर्क कर मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कराएं।
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यूपीआई ऐप और बैंकिंग ऐप का पासवर्ड या पिन सुरक्षित तरीके से बदलें।
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मोबाइल गुम होने की सूचना पुलिस में दर्ज कराएं।
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खाते से कोई संदिग्ध ट्रांजेक्शन होने पर तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।
Author: Khabri Chai
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