नई दिल्ली। फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में भारतीय कैप्टन स्मित मछार (Smit Machchhr) पर हुए कथित कॉकपिट हमले की जांच के बीच आरोपी को-पायलट की पहचान सामने आई है। द इंडियन एक्सप्रेस और द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्टों के मुताबिक, ओमानी को-पायलट का नाम हमाम अल-हम्मामी बताया गया है। हालांकि, घटना के पीछे की पूरी वजह और आरोपी के कथित मकसद को लेकर जांच अभी जारी है। फ्लाईदुबई ने भी शुरुआती बयान में लोगों से जांच पूरी होने से पहले अटकलों से बचने की अपील की थी।
यह घटना 30 सितंबर 2026 को उस समय हुई, जब बोइंग 737 मैक्स-8 विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। विमान में करीब 174 यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच कथित तौर पर हिंसक झड़प हुई और कैप्टन स्मित मछार घायल हो गए।

करीब 33 हजार फीट की ऊंचाई पर अचानक बदली स्थिति
फ्लाइट FZ1073 लगभग 33-34 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रही थी, तभी विमान में अचानक गंभीर स्थिति पैदा हो गई। फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा के अनुसार विमान ने बहुत तेजी से नीचे की ओर गोता लगाया और कुछ ही समय में हजारों फीट की ऊंचाई गंवा दी। NDTV के अनुसार विमान करीब 14,300 फीट नीचे आया और लगभग 37 सेकंड में यह तेज गिरावट दर्ज हुई।
इसी दौरान विमान ने इमरजेंसी सिग्नल प्रसारित किया। घटना के बाद विमान को तेल अवीव के बजाय सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ना पड़ा।
कैप्टन स्मित मछार पर चाकू से हमला किए जाने की रिपोर्ट
रिपोर्टों के मुताबिक, कॉकपिट में हुए संघर्ष के दौरान कैप्टन स्मित मछार पर कथित तौर पर चाकू से हमला किया गया। वह गंभीर रूप से घायल हुए, लेकिन इसके बावजूद विमान को सुरक्षित करने की कोशिश करते रहे।
हालांकि, घटना में इस्तेमाल हथियार और हमले की पूरी परिस्थितियों को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में अलग-अलग जानकारियां सामने आई हैं। इसलिए जांच पूरी होने से पहले इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल हुए
घटना का सबसे अहम हिस्सा यह रहा कि घायल होने के बावजूद कैप्टन मछार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब हुए। इसके बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों ने कॉकपिट में पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने में मदद की।
रॉयटर्स के अनुसार, मछार ने बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत में बताया कि उन्हें महसूस हो रहा था कि विमान तेजी से नीचे जा रहा है और उस समय उन्हें कुछ करना जरूरी था। उनके कॉकपिट का दरवाजा खोलने के बाद यात्रियों और क्रू ने हस्तक्षेप किया और अन्य पायलटों ने विमान का नियंत्रण संभाला।
तबुक में हुई इमरजेंसी लैंडिंग
स्थिति नियंत्रण में आने के बाद फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर मोड़ा गया। वहां विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
भारतीय दूतावास के अनुसार, कैप्टन स्मित मछार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उनकी स्थिति स्थिर बताई गई थी। बाद की जानकारी में उनके स्वास्थ्य में सुधार की बात सामने आई।
विमान में मौजूद सभी यात्रियों और क्रू सदस्यों के सुरक्षित होने की पुष्टि की गई। यात्रियों को बाद में दूसरे विमानों के जरिए तेल अवीव पहुंचाया गया।
कौन हैं हमाम अल-हम्मामी?
मीडिया रिपोर्टों में हमाम अल-हम्मामी को ओमान का नागरिक और फ्लाईदुबई का को-पायलट बताया गया है। घटना के बाद उसके बारे में पुराने सुरक्षा रिकॉर्ड से जुड़े दावे भी सामने आए हैं।
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, अल-हम्मामी को पहले ओमान में कथित कट्टरपंथी विचारों को लेकर उड़ान भरने से रोके जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट में उसके पूर्व नियोक्ता ओमान एयर से जुड़े होने का भी उल्लेख है।
द इंडियन एक्सप्रेस ने भी रिपोर्ट किया है कि उसके पुराने ऑनलाइन अकाउंट्स से जुड़ी कुछ गतिविधियां जांच के दायरे में आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, उसके कुछ पुराने सोशल मीडिया पोस्ट में विमान के कॉकपिट के वीडियो और अल-कायदा से जुड़े व्यक्तियों की तस्वीरें दिखाई गई थीं। हालांकि, इन ऑनलाइन गतिविधियों और मौजूदा विमान घटना के बीच सीधा संबंध जांच एजेंसियों द्वारा स्थापित किया जाना बाकी है।
क्या पहले भी सुरक्षा को लेकर उठे थे सवाल?
यह सवाल भी जांच का हिस्सा बन गया है कि यदि अल-हम्मामी के पुराने रिकॉर्ड को लेकर वास्तव में सुरक्षा संबंधी चिंताएं थीं, तो उनकी जानकारी संबंधित विमानन और नियुक्ति एजेंसियों तक पहुंची थी या नहीं।
इस बिंदु पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिपोर्टों में अलग-अलग दावे हैं। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि पुराने रिकॉर्ड का इस घटना से सीधा संबंध था। संबंधित एजेंसियों की जांच के बाद ही इस पहलू पर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
क्या यह हाईजैक या आतंकी हमला था?
घटना के शुरुआती घंटों में विमान के तेजी से नीचे आने और कॉकपिट में हुई हिंसक झड़प के कारण इसे संभावित हाईजैक या विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के रूप में देखा गया।
इजराइली अधिकारियों ने घटना को आतंकवादी गतिविधि से जोड़कर बयान दिए हैं। वहीं, UAE के अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू की है ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि घटना का संबंध आतंकवादी गतिविधि से था या नहीं। द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, UAE के अटॉर्नी जनरल ने भी इस पहलू की जांच शुरू की है।
इसलिए फिलहाल आतंकी हमले का अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
कैप्टन स्मित मछार का विमानन करियर
कैप्टन स्मित मछार फ्लाईदुबई के बोइंग 737 बेड़े में जून 2022 से कैप्टन के रूप में काम कर रहे थे। इससे पहले वह करीब 11 साल तक स्पाइसजेट से जुड़े रहे थे। उपलब्ध प्रोफाइल संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, उनके पास बोइंग 737-800 और 737 MAX 8 पर हजारों घंटे का उड़ान अनुभव है।
घटना के बाद उनकी भूमिका और आपात स्थिति में लिए गए फैसलों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अस्पताल में उनसे वीडियो कॉल पर बात की और घटना के दौरान उनके साहस की सराहना की।
जांच में अब इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे
फ्लाइट FZ1073 की घटना के बाद जांच एजेंसियों के सामने कई अहम सवाल हैं—
- कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
- कैप्टन मछार पर हमला किस परिस्थिति में हुआ?
- विमान अचानक इतनी तेजी से नीचे क्यों आया?
- को-पायलट का वास्तविक मकसद क्या था?
- उसके पुराने सुरक्षा रिकॉर्ड की जानकारी फ्लाईदुबई की नियुक्ति प्रक्रिया में थी या नहीं?
- क्या घटना का किसी आतंकवादी संगठन या विचारधारा से कोई संबंध था?
- कॉकपिट सुरक्षा और क्रू स्क्रीनिंग से जुड़े प्रोटोकॉल में कहीं कोई चूक हुई थी?
फ्लाईदुबई ने घटना के बाद जांच में सहयोग की बात कही है और कहा है कि घटना के कारणों तथा मकसद पर अंतिम निष्कर्ष औपचारिक जांच के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल कैप्टन स्मित मछार इलाज के बाद रिकवरी कर रहे हैं, जबकि घटना के आरोपी को-पायलट और पूरे मामले की सुरक्षा जांच जारी है। इस जांच के निष्कर्ष से ही स्पष्ट होगा कि 33 हजार फीट की ऊंचाई पर हुई यह हिंसक घटना वास्तव में किस वजह से शुरू हुई थी।
Image Idea: 16:9 realistic breaking-news aviation photograph showing a Boeing 737 MAX cockpit at high altitude, two pilots in a tense emergency situation, one injured captain, cockpit warning lights and crew/passengers intervening near the cockpit door, dramatic but non-graphic, realistic documentary news photography, no blood, no text, no logos, no watermark.
Author: Khabri Chai
Khabri Chai news portal.





