नई दिल्ली/लखनऊ। पटना से लखनऊ जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6E925 के साथ उड़ान के दौरान बड़ा हादसा टल गया। करीब 17 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे विमान पर अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। बिजली गिरने से विमान के आगे के हिस्से यानी नोज एरिया को नुकसान पहुंचा। स्थिति को देखते हुए पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए विमान को लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षित इमरजेंसी लैंड कराया।

विमान में सवार थे 110 लोग
जानकारी के मुताबिक, घटना के समय फ्लाइट में कुल 110 लोग मौजूद थे। इनमें 104 यात्री और 6 क्रू मेंबर्स शामिल थे। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।
पटना से उड़ान भरने के बाद विमान खराब मौसम के बीच लखनऊ की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान करीब 17 हजार फीट की ऊंचाई पर विमान आकाशीय बिजली की चपेट में आ गया। बिजली गिरने के बाद विमान के अगले हिस्से में नुकसान की जानकारी सामने आई।
पायलट ने तुरंत लिया इमरजेंसी लैंडिंग का फैसला
आकाशीय बिजली गिरने के बाद विमान में सवार यात्रियों के बीच कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी। हालांकि पायलट और क्रू ने स्थिति को संभाला और सुरक्षा प्रक्रिया के तहत विमान को लखनऊ एयरपोर्ट पर उतारने का फैसला किया।
विमान की सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। लैंडिंग के बाद विमान की तकनीकी जांच की गई, जिसमें नोज एरिया में नुकसान सामने आने की बात कही जा रही है।
यात्रियों को विमान से सुरक्षित बाहर निकाला गया। आगे की यात्रा के लिए यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
पहले भी इंडिगो विमान पर गिर चुकी है बिजली
इंडिगो के विमान पर आकाशीय बिजली गिरने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 20 जून को भी इंडिगो की फ्लाइट 6E6068 आकाशीय बिजली की चपेट में आई थी।
उस समय विमान कोलकाता एयरपोर्ट पर एरोब्रिज 56L पर खड़ा था और अगरतला के लिए रवाना होने की तैयारी में था। खराब मौसम, तेज बारिश और तूफानी परिस्थितियों के बीच विमान पर बिजली गिरने से उसका पावर सिस्टम प्रभावित हुआ था।
उस विमान में 141 यात्री और 6 क्रू मेंबर्स सवार थे। एहतियात के तौर पर सभी यात्रियों को विमान से उतार लिया गया था। बाद में यात्रियों को दूसरे A321 विमान से रवाना किया गया।
उस घटना में ग्राउंड स्टाफ के दो कर्मचारी मामूली रूप से प्रभावित हुए थे और उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। मेडिकल जांच के बाद दोनों को छुट्टी दे दी गई थी।
खराब मौसम में उड़ानों के लिए चुनौती
लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में खराब मौसम के बीच हुई इस घटना ने एक बार फिर उड़ानों के दौरान आकाशीय बिजली और मौसम संबंधी जोखिम को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि आधुनिक यात्री विमानों को आकाशीय बिजली के प्रभाव से निपटने के लिए डिजाइन किया जाता है, लेकिन ऐसी घटना के बाद विमान की तकनीकी जांच बेहद जरूरी होती है।
फिलहाल फ्लाइट 6E925 में सवार सभी 110 लोगों के सुरक्षित होने की जानकारी सबसे बड़ी राहत है। विमान को हुए नुकसान की विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बिजली गिरने से विमान के किन हिस्सों पर कितना प्रभाव पड़ा।
Author: Khabri Chai
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