कांकेर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में माइंस क्षेत्र में आगजनी की घटना सामने आई है। दुर्गूकोंदल ब्लॉक के लोहत्तर थाना क्षेत्र के ग्राम चेपल स्थित पुष्प स्टील माइंस में सोमवार देर रात अज्ञात लोगों ने तीन चेन माउंटेन मशीनों में आग लगा दी। मंगलवार सुबह ऑपरेटर जब माइंस पहुंचे तो मशीनें जली हुई मिलीं। इसके बाद माइंस प्रबंधन ने घटना की सूचना पुलिस को दी।
![]()
लाल स्याही में मिले दो पर्चे
घटना के बाद मौके से लाल स्याही में लिखे दो पर्चे मिलने की जानकारी सामने आई है। इन पर्चों में माइंस प्रबंधन को धमकी देने के साथ पेमेंट और ‘लाल सलाम जिंदाबाद’ जैसे शब्द लिखे होने की बात कही जा रही है।
पुलिस अब इन पर्चों की वास्तविकता और आगजनी की घटना के बीच संबंध की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और वे किस रास्ते से माइंस परिसर तक पहुंचे।
माओवाद मुक्त बस्तर अभियान के बाद पहली ऐसी घटना
बताया जा रहा है कि माओवाद मुक्त बस्तर अभियान के पूरा होने के बाद वाहनों या खनन मशीनरी को आग लगाने की यह पहली घटना है। इससे पहले माओवादी सक्रियता के दौर में उद्योगों और खनन परियोजनाओं को निशाना बनाकर आगजनी और वसूली की घटनाएं सामने आती रही हैं।
ताजा घटना के बाद माइंस क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस संदिग्ध लोगों की आवाजाही और इलाके में हाल की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस कर रही सभी पहलुओं से जांच
थाना पुलिस के अनुसार, आगजनी के पीछे कौन लोग हैं और घटना का वास्तविक उद्देश्य क्या था, इसकी जांच की जा रही है। मौके से मिले पर्चों को भी जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। पुलिस आसपास के इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों और लोगों की आवाजाही के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पहले भी माइंस और वाहनों को बनाया गया था निशाना
कांकेर जिले में माओवादी सक्रियता के दौरान इस तरह की आगजनी की कई घटनाएं हो चुकी हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 2015 में एक निजी माइंस की लौह अयस्क खदान में 26 वाहनों को आग के हवाले किया गया था।
इसके बाद जुलाई 2017 में कोरर थाना क्षेत्र के बरबसपुर स्थित खदान में 19 गाड़ियों को जला दिया गया था। वहीं 2022 में चारगांव में खदान के पास खड़े दो ट्रकों और दो एसयूवी वाहनों में आग लगाने की घटना सामने आई थी।
इसके अलावा 2023 में पखांजूर क्षेत्र के छोटेबेटिया थाना अंतर्गत सितरम के आसपास सड़क निर्माण में लगी पांच गाड़ियों को आग के हवाले किया गया था।
फिलहाल ताजा घटना के बाद पुलिस की जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या यह आगजनी पुरानी माओवादी शैली से जुड़ी है या इसके पीछे कोई अन्य स्थानीय कारण है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
Author: Khabri Chai
Khabri Chai news portal.





