रायपुर। कटे कनेक्शन के बाद भी जला रहे थे बिजली, अब होगी कार्रवाई
छत्तीसगढ़ में बिजली चोरी और बकाया भुगतान के मामलों को लेकर विद्युत वितरण कंपनी ने जांच अभियान तेज कर दिया है। महासमुंद और गरियाबंद जिले में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान कुल 187 परिसरों की जांच की गई। इनमें से 96 स्थानों पर बकाया राशि का भुगतान किए बिना बिजली का उपयोग किए जाने की अनियमितता सामने आई है। अब संबंधित मामलों में कानूनी कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है।

छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी (सीएसपीडीसीएल) की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य बकाया वसूली के साथ-साथ बिजली चोरी और अनधिकृत बिजली उपयोग पर रोक लगाना है।
27 जांच दलों ने की कार्रवाई
महासमुंद और गरियाबंद जिले में अभियान चलाने के लिए कुल 27 जांच दल गठित किए गए थे। कार्रवाई में करीब 55 सहायक एवं कनिष्ठ अभियंताओं के साथ विद्युत लाइन कर्मचारी शामिल रहे।
जांच दलों ने मुख्य रूप से उन परिसरों का निरीक्षण किया, जहां बकाया राशि के कारण स्मार्ट मीटर की बिजली आपूर्ति रिमोट प्रणाली से बंद कर दी गई थी या बिजली कनेक्शन काट दिया गया था। अधिकारियों ने ऐसे उपभोक्ताओं की जांच की, जिनके कनेक्शन विच्छेदित होने के बावजूद बिजली इस्तेमाल किए जाने की आशंका थी।
मीटर बायपास और हुकिंग से बिजली उपयोग के मामले
जांच के दौरान कई तरह की अनियमितताएं सामने आईं। कुछ परिसरों में कनेक्शन कटने के बाद भी मीटर को बायपास कर बिजली का उपयोग किया जा रहा था। वहीं, कुछ स्थानों पर एलटी लाइन से सीधे तार जोड़कर हुकिंग के जरिए बिजली लेने के मामले मिले।
अधिकारियों ने मौके पर ही अनियमितताओं का पंचनामा तैयार किया और संबंधित दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए। इन मामलों में अब नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
विद्युत अधिनियम की धाराओं में होगी कार्रवाई
विद्युत कंपनी के अनुसार, बिजली चोरी और अनधिकृत उपयोग से जुड़े मामलों में विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 135 और धारा 138 के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। साथ ही विशेष न्यायालय में प्रकरण दर्ज कराने की तैयारी भी की जा रही है।
जांच में जिन परिसरों में अनियमितताएं मिली हैं, उनके मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित कानूनी प्रावधानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री समाधान योजना के तहत बकाया जमा करने का अवसर
अभियान के दौरान कुछ घरेलू बीपीएल और कृषि पंप उपभोक्ताओं ने मुख्यमंत्री समाधान योजना के तहत बकाया राशि के निपटारे के लिए पंजीयन कराया। कुछ उपभोक्ताओं ने मौके पर ही बिजली बिल का भुगतान भी किया।
विद्युत कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि बकाया राशि के कारण बिजली कनेक्शन काटे जाने पर उसे स्वयं दोबारा न जोड़ें। मीटर से छेड़छाड़, मीटर बायपास या हुकिंग के जरिए बिजली इस्तेमाल करने से बचें और बकाया भुगतान के लिए विभाग की निर्धारित प्रक्रिया अपनाएं।
31 मार्च तक जारी रहेगा जांच अभियान
विद्युत वितरण कंपनी ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी पर रोक लगाने और बकाया राशि की वसूली के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। दी गई जानकारी के अनुसार, यह अभियान 31 मार्च तक चलाया जाएगा।
महासमुंद और गरियाबंद में हुई कार्रवाई के बाद अब संबंधित मामलों में कानूनी प्रक्रिया पर नजर रहेगी। जांच के दौरान सामने आई अनियमितताओं पर कार्रवाई के साथ कंपनी का जोर बकाया भुगतान सुनिश्चित करने और बिजली के अनधिकृत इस्तेमाल को रोकने पर है।
Author: Khabri Chai
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