दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिसकर्मी के बेटे चेतन साहू की हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रथम अपर सत्र न्यायालय, दुर्ग ने मामले में तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह घटना 29 दिसंबर 2024 की रात हुई थी। करीब 10 महीने तक चली जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत का फैसला सामने आया है।

मामले के अनुसार, चेतन साहू की अपनी परिचित रोशनी लकड़ा से दोस्ती थी। बाद में रोशनी की नजदीकियां दूसरे युवक से बढ़ गईं। आरोप है कि इसी विवाद के बीच चेतन को मिलने के लिए बुलाया गया, जहां उसके साथ मारपीट की गई। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई थी।
दोस्ती से शुरू हुआ मामला, फिर रिश्तों में आया तनाव
पुलिस जांच के मुताबिक, चेतन साहू दुर्ग की न्यू पुलिस लाइन में रहता था। रोशनी लकड़ा की मां भी पुलिस विभाग में आरक्षक थीं। पुलिस लाइन में रहने के दौरान चेतन और रोशनी के बीच दोस्ती हुई थी।
बाद में रोशनी की मां का तबादला सरगुजा हो गया, जिसके बाद रोशनी भी उनके साथ वहां चली गई। इसी दौरान रोशनी की नजदीकियां दूसरे युवक से बढ़ने लगीं। पुलिस जांच में सामने आया कि चेतन उससे लगातार मिलने की कोशिश कर रहा था और फोन भी कर रहा था।
मिलने के बहाने बुलाया, फिर हुआ जानलेवा हमला
घटना दिसंबर 2024 की है। रोशनी अपनी मां के साथ दुर्ग आई थी। इसकी जानकारी मिलने पर चेतन उससे मिलने का प्रयास करने लगा। रिपोर्ट के अनुसार, लगातार फोन आने से परेशान रोशनी ने इसकी जानकारी अपने नए प्रेमी को दी।
आरोप है कि इसके बाद रोशनी ने चेतन को कसारीडीह सिविल लाइन स्थित क्वार्टर के पास मिलने के लिए बुलाया। 29 दिसंबर 2024 की रात करीब 8:30 बजे आयुष्मान हॉस्पिटल के पास चेतन पर हमला किया गया। आरोपियों ने लाठी-डंडों और अन्य घातक हथियारों से मारपीट की। गंभीर चोटें लगने से चेतन की मौत हो गई।
रोशनी समेत तीन आरोपी दोषी करार
घटना के बाद दुर्ग पुलिस ने जांच शुरू की थी। मामले में रोशनी लकड़ा, आकाश देशलहरा और कुलेश्वर साहू सहित अन्य संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। पुलिस ने तीन नाबालिगों को भी पकड़ा था।
सुनवाई के दौरान अदालत ने तीन आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उपलब्ध सजा संबंधी जानकारी के अनुसार, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1)/190 और 61(2) के तहत आजीवन कारावास तथा 500-500 रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
इसके अलावा धारा 191(2) के तहत दो वर्ष और धारा 191(3) व 118(1) के तहत तीन-तीन वर्ष के कारावास सहित अर्थदंड की सजा भी सुनाई गई। बताया गया है कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
करीब 10 महीने बाद मिला मामले में फैसला
चेतन साहू की हत्या के इस मामले में अदालत के फैसले के बाद न्यायिक प्रक्रिया का अहम चरण पूरा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आए घटनाक्रम और प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर तीन आरोपियों को दोषी ठहराया गया।
यह मामला रिश्तों में तनाव के बीच हुई हिंसा और उसके गंभीर परिणामों को सामने लाता है। अदालत ने दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
Author: Khabri Chai
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