भिलाई। त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खाद्य विभाग ने दुर्ग जिले के भिलाई में मिठाई और डेयरी प्रतिष्ठानों पर जांच अभियान चलाया। शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को की गई इस कार्रवाई के दौरान एक्सपायरी दूध से पनीर बनाने, अस्वच्छ परिस्थितियों में मिठाइयां तैयार करने और पैकेजिंग में अनियमितताओं के मामले सामने आए। विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान करीब 2,500 किलो मिठाई और 1,000 लीटर दूध नष्ट कराया गया। गंभीर कमियां मिलने पर तीन प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थ बनाने का काम भी बंद कराया गया।

एक्सपायरी दूध से बन रहा था पनीर और दही
नंदनी रोड स्थित मां दुर्गा डेयरी की जांच के दौरान खाद्य विभाग की टीम को पनीर और दही बनाने की जगह पर साफ-सफाई की कमी मिली। जांच में पनीर बनाने के लिए एक्सपायरी डेट वाले पैक्ड दूध का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई।
टीम ने पनीर, दूध और दही के नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे। इसके बाद नगर निगम की मदद से करीब 1,000 लीटर दूध और 80 किलो दही नष्ट कराया गया। विभाग ने खाद्य पदार्थों के निर्माण और भंडारण से जुड़ी अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की।
लड्डुओं में खाद्य रंग और स्वीटनिंग एजेंट के इस्तेमाल पर संदेह
कैंप-2 स्थित गुप्ताजी लड्डू हाउस में जांच के दौरान करीब 250 किलो मैदे के लड्डू मिले। विभाग को इनमें निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं होने वाले खाद्य रंग और स्वीटनिंग एजेंट के इस्तेमाल की आशंका हुई।
इसके बाद लड्डुओं को नष्ट कराने की कार्रवाई की गई। खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले रंग, मिठास बढ़ाने वाले पदार्थ और अन्य सामग्री का निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप होना जरूरी है।
मुस्कान फूड प्रोडक्ट्स में भी मिली गंदगी
बैकुंठधाम, कैंप-2 स्थित मुस्कान फूड प्रोडक्ट्स में भी खाद्य पदार्थों के निर्माण और पैकेजिंग के दौरान साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। जांच के दौरान लड्डू, सोनपापड़ी, पेड़ा और बर्फी जैसी मिठाइयां बिना लेबल वाले प्लास्टिक जार में पैक होती मिलीं।
विभाग की कार्रवाई में यहां करीब 200 किलो पेड़ा, 1,020 किलो सोनपापड़ी और 70 किलो मसूर पाक सहित अन्य मिठाइयों को नष्ट करने की प्रक्रिया की गई। अधिकारियों ने खाद्य पदार्थों के निर्माण, पैकेजिंग और लेबलिंग से संबंधित नियमों के पालन पर जोर दिया।
तीन प्रतिष्ठानों में उत्पादन बंद, लाइसेंस पर भी कार्रवाई की तैयारी
जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं मिलने पर खाद्य विभाग ने तीन प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थ बनाने का काम बंद करा दिया। अधिकारियों के अनुसार, संबंधित प्रतिष्ठानों के खाद्य लाइसेंस एक सप्ताह के लिए निलंबित करने की सिफारिश भेजने की तैयारी है।
प्रतिष्ठानों को इस दौरान जरूरी सुधार करने होंगे। यदि निर्धारित मानकों के अनुरूप सुधार नहीं किए जाते हैं, तो लाइसेंस निलंबन की अवधि बढ़ाए जाने की कार्रवाई भी हो सकती है।
बिस्किट पैकेट पर नौ दिन आगे की तारीख अंकित
वैशाली नगर स्थित जलाराम नमकीन एंड डेयरी में औचक जांच के दौरान पैकेजिंग से जुड़ी एक और अनियमितता सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक, 23 अक्टूबर 2026 को हुई जांच के दौरान बिस्किट के पैकेट पर 1 नवंबर 2026 की तारीख अंकित मिली।
इस तरह पैकेट पर जांच की तारीख से करीब नौ दिन आगे की तारीख डाली जा रही थी। विभाग ने इसे ग्राहकों को भ्रामक जानकारी देने का मामला मानते हुए दुकान संचालक के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। मामले को न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया भी शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है।
खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन जरूरी: दीपक अग्रवाल
खाद्य सुरक्षा विभाग के आयुक्त दीपक अग्रवाल के अनुसार, विभाग की टीमें अलग-अलग खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच कर रही हैं। इसी अभियान के तहत दुर्ग जिले में भी कार्रवाई की गई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों का निर्माण स्वच्छ स्थान पर होना चाहिए और एक्सपायरी सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मिठाई खरीदते समय उपभोक्ता किन बातों का रखें ध्यान?
त्योहारी सीजन में मिठाई और डेयरी उत्पाद खरीदते समय उपभोक्ताओं को भी कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए:
- मिठाई तैयार करने और रखने की जगह की साफ-सफाई पर ध्यान दें।
- पैक्ड खाद्य पदार्थों पर निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि और लेबल जरूर देखें।
- दूध, पनीर और दही जैसे उत्पादों की ताजगी और भंडारण की स्थिति पर ध्यान दें।
- खुले या संदिग्ध तरीके से रखे खाद्य पदार्थ खरीदने से बचें।
- किसी प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का संदेह हो, तो संबंधित खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत करें।
भिलाई में खाद्य विभाग की इस कार्रवाई ने त्योहारी बाजार में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता की निगरानी का मुद्दा फिर सामने ला दिया है। हालांकि, जिन नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया है, उनकी अंतिम रिपोर्ट और संबंधित प्रतिष्ठानों पर होने वाली आगे की कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद ही सभी मामलों की स्थिति स्पष्ट होगी।
Author: Khabri Chai
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