नई दिल्ली। तिब्बत में शक्तिशाली भूकंप आने और भारी नुकसान की खबर सामने आई है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार रात करीब 8 बजे आए भूकंप की तीव्रता 7 बताई गई है। इस घटना में 16 लोगों की मौत और 54 लोगों के घायल होने का दावा किया गया है। वहीं, पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी भूकंप के झटके महसूस किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, जनहानि और नुकसान के इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही इन्हें अंतिम रूप से प्रकाशित किया जाना चाहिए।
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नागकू क्षेत्र में केंद्र होने की जानकारी
रिपोर्ट के मुताबिक, भूकंप का केंद्र तिब्बत के नागकू क्षेत्र में था, जो ल्हासा से लगभग 400 किलोमीटर दूर बताया गया है। भूकंप की गहराई करीब 10 किलोमीटर बताई गई है। इतनी तीव्रता के भूकंप से प्रभावित क्षेत्रों में इमारतों, सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आकलन संबंधित एजेंसियों की पुष्टि के बाद ही किया जा सकता है।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान में भी महसूस हुए झटके
रिपोर्ट में पाकिस्तान में 4.9 और अफगानिस्तान में 4.1 तीव्रता के भूकंप आने की जानकारी दी गई है। इन घटनाओं का तिब्बत में बताए गए भूकंप से सीधा संबंध है या नहीं, इसकी पुष्टि के लिए संबंधित भूकंप निगरानी एजेंसियों के आंकड़े देखना जरूरी है।
तिब्बत और हिमालयी क्षेत्र में क्यों आते हैं भूकंप?
तिब्बत और हिमालय के आसपास का इलाका भूगर्भीय दृष्टि से सक्रिय क्षेत्र में आता है। इसकी प्रमुख वजह भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों के बीच लगातार होने वाली हलचल है। भारतीय प्लेट उत्तर की ओर बढ़ते हुए यूरेशियन प्लेट पर दबाव डालती है। इससे पृथ्वी की ऊपरी परत में तनाव जमा होता रहता है।
जब चट्टानों में जमा तनाव अचानक मुक्त होता है, तो भूकंपीय तरंगें पैदा होती हैं और धरती हिलने लगती है। इसी प्रक्रिया के कारण हिमालयी क्षेत्र में भूकंप का खतरा बना रहता है।
पहले भी बड़े भूकंप झेल चुका है यह क्षेत्र
जनवरी 2025 में तिब्बत के तिंगरी काउंटी के आसपास शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसके झटके नेपाल और उत्तर भारत सहित कई क्षेत्रों में महसूस किए गए थे। इस तरह की घटनाएं हिमालयी क्षेत्र में भूकंप के जोखिम और आपदा से निपटने की तैयारी के महत्व को रेखांकित करती हैं।
आपदा प्रबंधन और सुरक्षित निर्माण जरूरी
भूकंप संभावित क्षेत्रों में सुरक्षित भवन निर्माण, आपातकालीन निकासी की योजना, राहत दलों की तैयारी और समय पर विश्वसनीय जानकारी बेहद महत्वपूर्ण होती है। भूकंप के बाद लोगों को क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और अफवाहों से बचने की सलाह दी जाती है।
महत्वपूर्ण: तिब्बत में 7 तीव्रता के भूकंप, 16 मौतों और 54 घायलों के दावों के साथ पाकिस्तान-अफगानिस्तान के आंकड़ों को प्रकाशित करने से पहले आधिकारिक भूकंप निगरानी एजेंसियों और विश्वसनीय समाचार स्रोतों से सत्यापित करें।
Author: Khabri Chai
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