नई दिल्ली। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने या उसमें बदलाव कराने वाले लोगों के लिए आने वाले समय में प्रक्रिया बदल सकती है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े नियमों में संशोधन के लिए एक ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें भारतीय और विदेशी नागरिकों के लिए अलग-अलग रंग के लाइसेंस, धारक की राष्ट्रीयता का उल्लेख और सुरक्षित ड्राइविंग ट्यूटोरियल के मूल्यांकन में न्यूनतम अंक बढ़ाने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।
प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य लाइसेंस से जुड़ी जानकारी को अधिक व्यवस्थित बनाना, दस्तावेजों के सत्यापन को बेहतर करना और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना बताया गया है। हालांकि, ये अभी प्रस्ताव हैं, लागू हो चुके नियम नहीं। अंतिम बदलावों और उनकी प्रभावी तारीख की पुष्टि सरकारी अधिसूचना से होगी।

ड्राइविंग लाइसेंस में क्या-क्या बदल सकता है?
ड्राफ्ट के अनुसार, ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी व्यवस्था में कई बदलाव किए जा सकते हैं। इनमें प्रमुख हैं:
- भारतीय और विदेशी नागरिकों के लिए अलग-अलग रंग के लाइसेंस।
- लाइसेंस पर धारक की राष्ट्रीयता दर्ज करने का प्रस्ताव।
- मोबाइल नंबर और आपातकालीन संपर्क की जानकारी।
- ब्लड ग्रुप और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने का विकल्प।
- चिप के स्थान पर QR कोड वाले कार्ड की व्यवस्था।
- लाइसेंस से जुड़ी अलग-अलग सेवाओं के लिए एकीकृत आवेदन फॉर्म।
- सुरक्षित ड्राइविंग ट्यूटोरियल के मूल्यांकन में न्यूनतम 75 प्रतिशत अंक की शर्त।
भारतीयों और विदेशियों के DL का रंग अलग हो सकता है
प्रस्ताव में ड्राइविंग लाइसेंस पर धारक की राष्ट्रीयता का उल्लेख करने और भारतीय तथा विदेशी नागरिकों के लिए अलग-अलग रंग की व्यवस्था करने की बात कही गई है। इससे लाइसेंस पर दर्ज जानकारी को पहचानना और सत्यापन करना आसान बनाने का उद्देश्य है।
हालांकि, किस श्रेणी के लिए कौन-सा रंग निर्धारित होगा और यह व्यवस्था कब से लागू होगी, इसकी पुष्टि अंतिम नियम जारी होने के बाद ही हो सकेगी।
सेफ ड्राइविंग टेस्ट में 75% अंक का प्रस्ताव
ड्राफ्ट में ऑनलाइन सुरक्षित ड्राइविंग ट्यूटोरियल के मूल्यांकन में पास होने के लिए न्यूनतम अंक 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने का प्रस्ताव शामिल है। इसके साथ आवेदकों को कम से कम 30 मिनट का सुरक्षित ड्राइविंग वीडियो ट्यूटोरियल देखने की शर्त भी प्रस्तावित की गई है।
इसका उद्देश्य वाहन चालकों को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा और जिम्मेदार ड्राइविंग के प्रति अधिक जागरूक बनाना है। यह शर्त किस श्रेणी के आवेदकों पर लागू होगी, इसे अंतिम अधिसूचना से स्पष्ट करना जरूरी होगा।
मोबाइल नंबर, ब्लड ग्रुप और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत लाइसेंस आवेदन में मोबाइल नंबर और आपातकालीन संपर्क की जानकारी मांगी जा सकती है। ब्लड ग्रुप तथा स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दर्ज करने का विकल्प भी शामिल करने की बात कही गई है।
आपातकालीन स्थिति में ऐसी जानकारी उपयोगी हो सकती है। हालांकि, कौन-सी जानकारी अनिवार्य होगी और कौन-सी वैकल्पिक, यह अंतिम नियमों पर निर्भर करेगा।
आधार, पासपोर्ट और दूसरे दस्तावेजों से जुड़ी व्यवस्था
ड्राफ्ट में उम्र, पते और पहचान के प्रमाण के लिए स्वीकार किए जाने वाले दस्तावेजों से संबंधित प्रावधान भी शामिल हैं। इनमें आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी, जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल बोर्ड की मार्कशीट, पैन कार्ड और कुछ उपयोगिता बिल जैसे दस्तावेजों का उल्लेख है।
विदेशी नागरिकों के लिए भारत में कानूनी रूप से रहने से संबंधित प्रमाण की जरूरत हो सकती है। उम्र और पते के प्रमाण के लिए सामान्य रूप से शपथ-पत्र स्वीकार करने की व्यवस्था सीमित करने का प्रस्ताव भी दिया गया है। विशेष परिस्थितियों में संबंधित लाइसेंसिंग अथॉरिटी के पास शपथ-पत्र स्वीकार करने का विकल्प रह सकता है।
ध्यान दें: दस्तावेजों की अंतिम सूची और उनकी स्वीकार्यता की पुष्टि आधिकारिक नियमों से ही की जानी चाहिए।
DL अपडेट कराने के शुल्क में मिल सकती है राहत
ड्राफ्ट में नाम, पता और संपर्क नंबर जैसी जानकारी अपडेट कराने की कुछ सेवाओं के शुल्क में छूट या माफी का प्रस्ताव है। इसके लिए ऑनलाइन आधार प्रमाणीकरण की व्यवस्था का उल्लेख किया गया है।
इसके अलावा, लाइसेंस नवीनीकरण, डुप्लिकेट लाइसेंस, वाहन की नई श्रेणी जोड़ने और व्यक्तिगत विवरण में बदलाव जैसी सेवाओं के लिए एक ही आवेदन फॉर्म उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। इससे आवेदन प्रक्रिया सरल हो सकती है।
ऑनलाइन आवेदन पर 15 दिनों में निर्णय का प्रस्ताव
प्रस्तावित नियमों के तहत लाइसेंस में विवरण बदलने के ऑनलाइन आवेदन पर संबंधित अधिकारी को 15 दिनों के भीतर मंजूरी या अस्वीकृति का फैसला लेना पड़ सकता है। आवेदन खारिज करने की स्थिति में कारण बताने का भी प्रस्ताव है।
पते में बदलाव का आवेदन 30 दिनों तक लंबित रहने पर उसे स्वीकृत मानने संबंधी प्रावधान भी ड्राफ्ट में बताए गए हैं। इन समय-सीमाओं और इनके लागू होने की शर्तों को अंतिम अधिसूचना से सत्यापित करना जरूरी है।
अभी क्या करें वाहन चालक?
फिलहाल वाहन चालकों और नए ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन करने वालों को मौजूदा लागू नियमों के अनुसार ही प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। केवल ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के आधार पर यह न मानें कि लाइसेंस का रंग, जरूरी अंक, दस्तावेज या शुल्क तुरंत बदल गए हैं।
नए नियम कब और किस रूप में लागू होंगे, इसकी जानकारी सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की अंतिम अधिसूचना से स्पष्ट होगी।
Author: Khabri Chai
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