
देश की राजनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की कथित विवादित टिप्पणी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। खरगे के बयान के विरोध में भाजपा ने देशभर में प्रदर्शन की घोषणा की है। वहीं, विपक्षी गठबंधन INDIA चुनाव आयोग की भूमिका और SIR प्रक्रिया को लेकर अपना विरोध तेज करने की तैयारी में है।
एक ओर भाजपा ने कांग्रेस अध्यक्ष के बयान को मुद्दा बनाया है, तो दूसरी ओर विपक्ष चुनाव आयोग की जवाबदेही और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवाल उठा रहा है। इस बीच दिल्ली के व्यापारियों ने प्रस्तावित रैली की तारीख बदलने की अपील की है, जिसके बाद आयोजन के कार्यक्रम को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।
पटना में खरगे की टिप्पणी से शुरू हुआ विवाद
यह विवाद रविवार को बिहार की राजधानी पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। कार्यक्रम बिहार के पहले मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में कथित अनियमितताओं का मुद्दा उठा रहे थे।
खरगे ने कहा कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो इस प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों को जेल भेजा जाएगा। इसी दौरान श्रोताओं में मौजूद एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर टिप्पणी की। जवाब में खरगे ने कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
भाजपा ने खरगे की भाषा पर कड़ी आपत्ति जताई और सोमवार को देशव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की। जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नेताओं ने भी बयान की आलोचना की।
SIR को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष की तैयारी
खरगे की टिप्पणी पर विवाद के साथ ही SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक टकराव भी जारी है। विपक्षी गठबंधन INDIA के घटक दलों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान अनियमितताओं की आशंका है और इससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
विपक्षी दलों की योजना के अनुसार, 30 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ प्रतीकात्मक ‘जन महाभियोग’ आयोजित करने और 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘दिल्ली चलो मार्च’ निकालने की तैयारी की जा रही है।
हालांकि, SIR को लेकर लगाए गए आरोपों और चुनाव आयोग की भूमिका पर राजनीतिक मतभेद बने हुए हैं। इन आरोपों के संबंध में संबंधित पक्षों का पक्ष और आधिकारिक तथ्य महत्वपूर्ण होंगे।
व्यापारियों की अपील के बाद रैली की तारीख पर विचार
दिल्ली में प्रस्तावित रैली को लेकर व्यापारिक संगठनों ने भी अपनी चिंता जताई है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने 24 अक्टूबर को राहुल गांधी को पत्र लिखकर धनतेरस, दिवाली और भाई दूज के आसपास बड़े राजनीतिक आयोजन से कारोबार प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की थी। संगठन ने रैली को 10 नवंबर के बाद आयोजित करने का अनुरोध किया।
इस अपील के बाद खरगे ने संकेत दिया कि व्यापारियों की मांग पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सोमवार या मंगलवार तक इस संबंध में समाधान निकालने की कोशिश होगी। रैली की तारीख में बदलाव होगा या नहीं, इसे लेकर अंतिम निर्णय का इंतजार है।
खरगे के बयान के खिलाफ पुलिस शिकायत
पटना में भाजपा कार्यकर्ता कृष्ण कुमार सिंह ने खरगे की टिप्पणी को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत रविवार शाम को कोतवाली थाने में दी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, इसे घटनास्थल के अधिकार क्षेत्र के आधार पर गांधी मैदान थाने भेजे जाने की प्रक्रिया थी। शिकायतकर्ता ने खरगे से 24 घंटे के भीतर माफी मांगने की मांग भी की।
फिलहाल, शिकायत पर आगे की पुलिस कार्रवाई और किसी औपचारिक कानूनी कदम की स्थिति स्पष्ट होने के लिए आधिकारिक जानकारी का इंतजार करना होगा।
आने वाले दिनों में बढ़ सकती है राजनीतिक बयानबाजी
खरगे की टिप्पणी पर भाजपा के विरोध और SIR को लेकर विपक्ष की प्रस्तावित गतिविधियों ने राष्ट्रीय राजनीति में नए टकराव की स्थिति पैदा कर दी है। भाजपा इस बयान को लेकर कांग्रेस पर हमलावर है, जबकि विपक्ष मतदाता सूची की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की जवाबदेही को प्रमुख मुद्दा बना रहा है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि भाजपा के देशव्यापी प्रदर्शन, विपक्ष की प्रस्तावित रैली और व्यापारियों की अपील पर क्या निर्णय होता है। इन घटनाक्रमों से आने वाले दिनों में राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।
Author: Khabri Chai
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