Khabri Chai Desk : बीजापुर कभी माओवाद की छाया में सिमटा बीजापुर जिला अब विकास की नई राह पर बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति 2025 के असर से अब इंद्रावती नदी पार बसे गांवों में विश्वास और उम्मीद लौट रही है। इसी कड़ी में प्रशासन ने पहली बार सात गांवों — उसपरी, बेलनार, सतवा, कोसलनार, ताड़पोट, उतला और इतामपार में एक साथ मेगा हेल्थ कैंप का आयोजन किया।
इस अभियान में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने 989 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। कैंप में रक्तचाप, मुख कैंसर, नेत्र जांच, दंत जांच, मलेरिया, टीकाकरण सहित कई जांचें की गईं। एक बच्चे में हृदय रोग का पता चला, जिसे ‘चिरायु योजना’ के तहत विशेष उपचार दिया जाएगा। शिविर में मरीजों का मौके पर इलाज और मुफ्त दवाओं का वितरण किया गया।
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कलेक्टर संबित मिश्रा ने कहा कि “प्रशासन अब अंतिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य और शिक्षा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ा रही है, बल्कि यह भी संदेश दे रही है कि अब बीजापुर की पहचान माओवाद नहीं, बल्कि मुख्यधारा और विकास होगी।
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Author: Khabri Chai
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