
जिले में कृषि विविधीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कलेक्टर ने नवापारा क्षेत्र का दौरा कर सरसों फसल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेतों में पहुंचकर किसानों से सीधे बातचीत की और फसल की स्थिति, उत्पादन तथा खेती की पद्धतियों की जानकारी ली। कलेक्टर ने किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ-साथ तिलहन और अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सरसों की फसल की गुणवत्ता, सिंचाई व्यवस्था और कृषि तकनीकों का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों को उन्नत बीज, खाद और तकनीकी मार्गदर्शन समय पर उपलब्ध कराया जाए, ताकि उत्पादन में वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि कृषि विविधीकरण से किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ भूमि की उर्वरता भी बनी रहती है।
कलेक्टर ने किसानों से कहा कि धान जैसी पारंपरिक फसलों पर निर्भरता कम कर सरसों, दलहन और तिलहन जैसी फसलों की खेती को बढ़ावा देना जरूरी है। इससे बाजार में बेहतर कीमत मिलने के साथ किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को किसानों को नई तकनीकों और योजनाओं की जानकारी देने के निर्देश भी दिए।
इस दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में सरसों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों को सहायता दी जा रही है। किसानों को प्रशिक्षण, बीज वितरण और आधुनिक खेती के तरीकों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार हो सके।
कलेक्टर ने खेतों का निरीक्षण करते हुए किसानों की समस्याएं भी सुनीं और उनके समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन किसानों के हितों को प्राथमिकता देते हुए कृषि क्षेत्र के विकास के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।
कलेक्टर के इस दौरे से किसानों में उत्साह देखा गया। स्थानीय किसानों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन के सहयोग से कृषि क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होंगी और उनकी आय में वृद्धि होगी।
Author: Khabri Chai
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