
बिरनपुर हिंसा कांड से जुड़े रहीम और उनके बेटे ईदुल मोहम्मद की हत्या के मामले में आरोपी बनाए गए 17 हिंदू युवकों को जिला एवं सत्र न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद आरोपियों और उनके परिजनों ने राहत जताई, वहीं उन्होंने जेल में बिताए समय और सामाजिक बदनामी के कारण हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है।
यह मामला बेमेतरा जिले के बिरनपुर गांव में हुई हिंसक घटना से जुड़ा है, जिसमें रहीम और उनके पुत्र ईदुल मोहम्मद की हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने जांच के आधार पर 17 हिंदू युवकों को आरोपी बनाते हुए गिरफ्तार किया था। लंबे समय तक चली सुनवाई और साक्ष्यों के परीक्षण के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
कोर्ट के फैसले के बाद आरोपमुक्त युवकों ने कहा कि उन्होंने लंबे समय तक जेल में रहकर मानसिक, सामाजिक और आर्थिक परेशानियां झेली हैं। उनका कहना है कि इस मामले के कारण उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची और उनका भविष्य प्रभावित हुआ। युवकों ने सरकार से मांग की है कि उन्हें सरकारी नौकरी और उचित मुआवजा दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
आरोपियों के परिजनों ने भी फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि न्यायालय के निर्णय से उन्हें न्याय मिला है। उनका आरोप है कि निर्दोष होने के बावजूद युवकों को लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ा, जिससे उनके परिवारों को भी आर्थिक और मानसिक कठिनाइयों से गुजरना पड़ा।
वहीं, इस मामले में प्रशासन की ओर से कहा गया है कि न्यायालय के आदेश का पालन किया जाएगा और आगे की कानूनी प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जाएगी। अधिकारियों ने क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।
गौरतलब है कि बिरनपुर हिंसा कांड के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई थी, जिसे नियंत्रित करने के लिए प्रशासन और पुलिस ने विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की थी। फिलहाल न्यायालय के फैसले के बाद क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
इस फैसले को लेकर क्षेत्र में विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।
Author: Khabri Chai
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