
रायपुर, 10 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रदेश में रोजगार और स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं और छत्तीसगढ़ महिला कोष की योजनाएं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविरों और जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक जरूरतमंद महिलाओं तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि वे इन योजनाओं का लाभ उठाकर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।
मंत्री राजवाड़े अटल नगर, नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आयोजित छत्तीसगढ़ महिला कोष के शासी बोर्ड और आमसभा की बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। बैठक में महिला कोष की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक में जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में ऋण योजना के तहत लगभग 1500 महिला स्व-सहायता समूहों को 30 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया। इसके अलावा सक्षम योजना के तहत करीब 1000 पात्र महिलाओं को 14 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया है। अधिकारियों ने इन योजनाओं की उपलब्धियों और आगे के लक्ष्यों पर भी विस्तृत जानकारी दी।
बैठक के दौरान यह भी बताया गया कि महिला स्व-सहायता समूहों को वर्तमान में दूसरी बार अधिकतम 6 लाख रुपये तक का ऋण देने का प्रावधान है। वहीं सक्षम योजना के अंतर्गत पात्र महिलाओं को अधिकतम 2 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इन योजनाओं में जरूरत के अनुसार संशोधन किए जाने पर भी चर्चा हुई।

सितंबर 2025 तक जिलों में लगभग 8 लाख 2 हजार 843 रुपये की राशि ब्याज के रूप में जमा होने की जानकारी भी बैठक में साझा की गई। इस राशि का उपयोग महिला कोष के लिए आधुनिक सॉफ्टवेयर प्रणाली विकसित करने में किए जाने का प्रस्ताव रखा गया।
बैठक में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भी पात्रता के आधार पर सक्षम योजना का लाभ देने तथा महिलाओं की आयु सीमा 25 से 50 वर्ष निर्धारित करने के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया।
महिला एवं बाल विकास विभाग की संचालक श्रीमती शम्मी आबिदी ने बताया कि महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से महिला कोष का गठन किया गया है। इसके तहत महिलाओं को मात्र 3 प्रतिशत साधारण वार्षिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे छोटे व्यवसाय और स्वरोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।
बैठक में कई विभागों और संस्थानों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
Author: Khabri Chai
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