पेलमा परियोजना को ग्राम सभाओं का समर्थन, विकास और रोजगार के पक्ष में ग्रामीणों ने दी सहमति

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Raigarh, 10 मई 2026 — South Eastern Coalfields Limited (SECL) की पेलमा खुली खदान परियोजना को लेकर प्रभावित ग्रामों में आयोजित ग्राम सभाओं में ग्रामीणों ने विकास, रोजगार और मुआवजे के पक्ष में सहमति जताई है। कंपनी की ओर से बताया गया कि परियोजना से संबंधित सभी तथ्यों, भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास, रोजगार और पर्यावरणीय पहलुओं की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों को दी गई, जिसके बाद ग्राम सभाओं द्वारा सर्वसम्मति से परियोजना के समर्थन में प्रस्ताव पारित करते हुए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्रदान किया गया।

SECL के अनुसार परियोजना के लिए आवश्यक वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया अनुसूचित जनजाति एवं अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2008 (FRA) के तहत पूरी की गई है। सभी संबंधित ग्राम सभाओं ने नियमानुसार अपनी सहमति प्रदान की है। कंपनी ने जानकारी दी कि पेलमा खुली खदान परियोजना के अंतर्गत कुल 8 ग्रामों की भूमि और ग्राम खर्रा की आंशिक भूमि सहित लगभग 2077 हेक्टेयर क्षेत्र का अधिग्रहण प्रस्तावित है।

परियोजना से प्रभावित परिवारों द्वारा भूमि, आवास और आजीविका से जुड़े कई सुझाव एवं मांगें ग्राम सभाओं में रखी गईं, जिन्हें SECL ने गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ स्वीकार करने की बात कही है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) नीति को पूरी पारदर्शिता और न्यायसंगत तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि प्रभावित परिवारों के हित सुरक्षित रह सकें।

SECL ने यह भी कहा कि अधिग्रहण से पहले से निवास कर रहे भूमिहीन परिवारों को मकान का मुआवजा और नियमानुसार पुनर्वास लाभ प्रदान किए जाएंगे। साथ ही Coal India Limited की आर एंड आर नीति के तहत स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के विभिन्न विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें ठेका कार्यों के माध्यम से रोजगार, दुकान निर्माण कर उपलब्ध कराना तथा अन्य स्वरोजगार योजनाएं शामिल हैं।

कंपनी के मुताबिक परियोजना शुरू होने के बाद क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 1500 से अधिक रोजगार अवसर सृजित होने की संभावना है। इन रोजगारों में स्थानीय युवाओं और प्रभावित परिवारों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। इसके अलावा कौशल विकास कार्यक्रमों, स्वरोजगार योजनाओं और महिला स्व-सहायता समूहों को भी बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है।

पर्यावरणीय चिंताओं को लेकर SECL ने स्पष्ट किया कि केलो नदी के प्राकृतिक प्रवाह को किसी भी स्थिति में बाधित या परिवर्तित नहीं किया जाएगा। जल संरक्षण एवं पर्यावरणीय मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जाएगा। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान में परियोजना क्षेत्र में किसी प्रकार का हवाई सर्वेक्षण नहीं किया जा रहा है।

SECL ने कहा कि परियोजना क्षेत्र में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए लगातार कार्य किए जाएंगे, जिससे स्थानीय समुदायों के जीवन स्तर में सुधार हो सके।

कंपनी की ओर से यह भी दावा किया गया कि कुछ बाहरी तत्व भ्रामक सूचनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं, जबकि अधिकांश ग्रामीण परियोजना से मिलने वाले विकास और रोजगार के अवसरों को समझते हुए इसका समर्थन कर रहे हैं। SECL ने दोहराया कि कंपनी स्थानीय जनभावनाओं का सम्मान करते हुए प्रशासन और ग्रामीणों के साथ समन्वय स्थापित कर क्षेत्र के समग्र और सतत विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

Khabri Chai
Author: Khabri Chai

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