Chhattisgarh सरकार ने बढ़ते पेट्रोल-डीजल संकट और खर्चों पर नियंत्रण को लेकर बड़ा फैसला लिया है। वित्त विभाग द्वारा जारी नए आदेश के मुताबिक अब मुख्यमंत्री, मंत्रियों और निगम-मंडलों के अधिकारियों के काफिलों में चलने वाली गाड़ियों की संख्या कम की जाएगी।सरकार ने यह कदम प्रधानमंत्री की ईंधन बचत की अपील और बढ़ते आर्थिक दबाव को देखते हुए उठाया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सरकारी संसाधनों का उपयोग केवल आवश्यक परिस्थितियों में ही किया जाए और अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाई जाए।नई व्यवस्था के तहत सरकारी खर्च पर विदेश यात्रा करने वाले अधिकारियों को अब पहले मुख्यमंत्री से अनुमति लेनी होगी। केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही विदेश दौरे की मंजूरी दी जाएगी। इसके साथ ही सभी सरकारी दफ्तरों में वाहन पूलिंग सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि वाहनों का साझा उपयोग कर ईंधन की बचत की जा सके।

साथ ही सरकारी खर्च और ट्रैफिक भी कम होता है। सरकार इसे खर्च कम करने और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए लागू कर रही है। सरकार ने सरकारी संसाधनों का सीमित इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। इससे सरकारी पैसों का सही उपयोग होगा और वित्तीय व्यवस्था मजबूत होगी। साथ ही संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया है।वित्त विभाग ने सभी विभागों और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन आदेशों का सख्ती से पालन किया जाए। यह व्यवस्था 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।सरकारी सूत्रों के मुताबिक इस फैसले से न केवल ईंधन की बचत होगी, बल्कि सरकारी खर्चों में भी बड़ी कटौती आने की उम्मीद है। वहीं राजनीतिक गलियारों में इसे वीआईपी कल्चर कम करने की दिशा में भी अहम कदम माना जा रहा है।
Author: Khabri Chai
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