नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025’ (VB–G RAM G) के तहत ड्राफ्ट नियम जारी कर दिए हैं। इस नए नियम को 1 जुलाई से देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया जाना है, यह कदम 1 जुलाई से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इस कानून को लागू करने की अधिसूचना जारी होने के बाद उठाया गया है। दरअसल, अधिनियम की धारा 33 और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत तैयार किए गए इन ड्राफ्ट नियमों को सार्वजनिक डोमेन में रखा गया है, ताकि इन्हें अंतिम रूप देने से पहले सभी संबंधित पक्षों से व्यापक परामर्श किया जा सके। प्रस्तावित नियमों में संक्रमणकालीन प्रावधान, राष्ट्रीय स्तर की संचालन समिति, केंद्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद, प्रशासनिक खर्च, शिकायत निवारण, मजदूरी और बेरोजगारी भत्ता का भुगतान, और निर्धारित आवंटन से अधिक होने वाले खर्च (जिनमें बिना विधानसभा वाले केंद्र शासित प्रदेशों के खर्च भी शामिल हैं) जैसे विषय शामिल हैं।

क्या है उद्देश्य?
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि इन नियमों का उद्देश्य पूरे देश में इस अधिनियम को लागू करने के लिए एक संस्थागत, प्रशासनिक, वित्तीय और शासन संबंधी ढांचा तैयार करना है।
अधिकारियों ने बताया कि इस परामर्श प्रक्रिया का लक्ष्य सहभागी शासन सुनिश्चित करना और राज्यों, संस्थानों, विशेषज्ञों, नागरिक समाज संगठनों तथा आम जनता से रचनात्मक फीडबैक प्राप्त करना है।
मनरेगा की जगह लेगा VB-G RAM G
‘संक्रमणकालीन प्रावधानों’ के ड्राफ़्ट नियमों में MGNREGA से VB–G RAM G (विकसित भारत – रोजगार और आजीविका मिशन) में बदलाव करने का ढांचा बताया गया है। यह नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना मौजूदा मनरेगा (MGNREGA) की जगह लेगी।
ये प्रावधान यह सुनिश्चित करते हैं कि राज्यों द्वारा नई योजना की अधिसूचना जारी होने तक, संक्रमण काल के दौरान चल रहे काम, बकाया देनदारियों का निपटारा, रिकॉर्ड का हस्तांतरण, e-KYC से सत्यापित जॉब कार्ड की वैधता और श्रमिकों के अधिकारों की निरंतरता बनी रहे।
Author: Khabri Chai
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