RBI Polymer currency notes India: RBI देश में भारी कैश सर्कुलेशन और नोट छपाई के खर्च को कम करने के लिए जल्द ही 100, 200 और 500 रुपये के प्लास्टिक (पॉलिमर) नोटों का पायलट प्रोजेक्ट शुरू कर सकता है. ये नोट कागज की तुलना में अधिक टिकाऊ, सुरक्षित, वाटरप्रूफ होंगे.
रुपये की बनावट बदलने वाली है. आने वाले समय में 100, 200 और 500 के नोट कागजी नहीं, बल्कि प्लास्टिक के बने होंगे. ये बातें महज कोई कोरी कल्पना नहीं है बल्कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस पर संजीदगी से विचार कर रहा है. RBI अब देश में कागज के पारंपरिक नोटों की जगह टिकाऊ और सुरक्षित प्लास्टिक (पॉलिमर) के नोट लाने की तैयारी को तेज कर रहा है. आइए जानते हैं कि RBI के इस नए प्लान के बारे मे
RBI plastic currency notes: रुपये की बनावट बदलने वाली है. आने वाले समय में 100, 200 और 500 के नोट कागजी नहीं, बल्कि प्लास्टिक के बने होंगे. ये बातें महज कोई कोरी कल्पना नहीं है बल्कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस पर संजीदगी से विचार कर रहा है. RBI अब देश में कागज के पारंपरिक नोटों की जगह टिकाऊ और सुरक्षित प्लास्टिक (पॉलिमर) के नोट लाने की तैयारी को तेज कर रहा है. आइए जानते हैं कि RBI के इस नए प्लान के बारे में…
RBI का नया प्लास्टिक नोट
लगातार बढ़ते कैश सर्कुलेशन और फटे-गंदे नोटों को बदलने की झंझट को दूर करने के लिए आरबीआई अब पॉलीमर करेंसी की तरफ कदम बढ़ा रहा है. रिपोर्ट्स की मानें तो जल्द ही 100, 200 और 500 रुपये के प्लास्टिक नोटों का एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा सकता है. इन नोटों को सबसे पहले देश के चुनिंदा शहरों में ट्रायल के तौर पर उतारा जाएगा ताकि लोगों और एटीएम (ATM) मशीनों के बीच इसकी स्वीकार्यता को परखा जा सके. वहीं, अगर ये पायलट प्रोजेक्ट पूरी तरह सफल रहता है, तो आने वाले समय में देश के सभी कागजी नोटों को धीरे-धीरे प्लास्टिक नोटों से बदल दिया जाएगा.

RBI का नया प्लास्टिक नोट
लगातार बढ़ते कैश सर्कुलेशन और फटे-गंदे नोटों को बदलने की झंझट को दूर करने के लिए आरबीआई अब पॉलीमर करेंसी की तरफ कदम बढ़ा रहा है. रिपोर्ट्स की मानें तो जल्द ही 100, 200 और 500 रुपये के प्लास्टिक नोटों का एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा सकता है. इन नोटों को सबसे पहले देश के चुनिंदा शहरों में ट्रायल के तौर पर उतारा जाएगा ताकि लोगों और एटीएम (ATM) मशीनों के बीच इसकी स्वीकार्यता को परखा जा सके. वहीं, अगर ये पायलट प्रोजेक्ट पूरी तरह सफल रहता है, तो आने वाले समय में देश के सभी कागजी नोटों को धीरे-धीरे प्लास्टिक नोटों से बदल दिया जाएगा.
प्लास्टिक की ओर बढ़ता रुपया
यूपीआई (UPI) और डिजिटल लेन-देन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद भी भारत में नकदी यानी कैश की मांग बरकरार है. वर्तमान में देश में कुल करेंसी सर्कुलेशन तकरीबन 42.86 रुपये ट्रिलियन का है, जिसे संभालना केंद्रीय बैंक के लिए हमेशा से चुनौती रहा है. इसके अलावा, कागज के नोट बहुत जल्दी गंदे हो जाते हैं, फट जाते हैं या पानी में भीगकर पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं, जिससे उन्हें बार-बार बदलना पड़ता है. इसी कैश मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए रिजर्व बैंक अब इस बदलाव की दिशा में गंभीरता से सोच रहा है.
RBI का नया प्लास्टिक नोट
लगातार बढ़ते कैश सर्कुलेशन और फटे-गंदे नोटों को बदलने की झंझट को दूर करने के लिए आरबीआई अब पॉलीमर करेंसी की तरफ कदम बढ़ा रहा है. रिपोर्ट्स की मानें तो जल्द ही 100, 200 और 500 रुपये के प्लास्टिक नोटों का एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा सकता है. इन नोटों को सबसे पहले देश के चुनिंदा शहरों में ट्रायल के तौर पर उतारा जाएगा ताकि लोगों और एटीएम (ATM) मशीनों के बीच इसकी स्वीकार्यता को परखा जा सके. वहीं, अगर ये पायलट प्रोजेक्ट पूरी तरह सफल रहता है, तो आने वाले समय में देश के सभी कागजी नोटों को धीरे-धीरे प्लास्टिक नोटों से बदल दिया जाएगा.
प्लास्टिक की ओर बढ़ता रुपया
यूपीआई (UPI) और डिजिटल लेन-देन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद भी भारत में नकदी यानी कैश की मांग बरकरार है. वर्तमान में देश में कुल करेंसी सर्कुलेशन तकरीबन 42.86 रुपये ट्रिलियन का है, जिसे संभालना केंद्रीय बैंक के लिए हमेशा से चुनौती रहा है. इसके अलावा, कागज के नोट बहुत जल्दी गंदे हो जाते हैं, फट जाते हैं या पानी में भीगकर पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं, जिससे उन्हें बार-बार बदलना पड़ता है. इसी कैश मैनेजमेंट को बेहतर बनाने के लिए रिजर्व बैंक अब इस बदलाव की दिशा में गंभीरता से सोच रहा है.
कागज के नोटों की छपाई और पुराने या खराब हो चुके नोटों को वापस लेकर नष्ट करने में सरकार और आरबीआई को हर साल अरबों रुपये खर्च करने पड़ते हैं.
अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो अकेले वित्त वर्ष 2025 में ही नोटों की छपाई पर लगभग 6,372.8 करोड़ रुपये का भारी-भरकम खर्च आया था. दूसरी तरफ, प्लास्टिक या पॉलीमर से बने नोटों की लाइफ सामान्य कागज के नोटों की तुलना में लगभग 4 से 5 गुना अधिक होती है. भले ही इन्हें बनाने की शुरुआती लागत थोड़ी ज्यादा हो, लेकिन लंबे समय में यह बार-बार होने वाले छपाई के खर्च को घटाकर देश का बड़ा पैसा बचाएगा.
प्लास्टिक नोट के बेनिफिट्स
प्लास्टिक (पॉलिमर) से बने नए नोटों के कई खूबियां होंगी. सबसे बड़ी बात कि ये नोट पानी में पूरी तरह वाटरप्रूफ होते हैं, यानी गलती से कपड़े के साथ धुल जाने पर भी ये बिल्कुल सुरक्षित रहेंगे और फटेंगे नहीं. साथ ही, जब ये प्लास्टिक नोट बहुत पुराने हो जाएंगे, तो इन्हें पूरी तरह रीसायकल करके अन्य प्लास्टिक उत्पाद बनाने में इस्तेमाल किया जा सकेगा.
Author: Khabri Chai
Khabri Chai news portal.





