छत्तीसगढ़ में शुरू होगा ‘बासमती धान मिशन’, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में महकेगा प्रदेश का चावल

प्रदेश में किसानों की आय बढ़ाने के लिए बासमती धान मिशन शुरू किया जाएगा। इसकी शुरुआत कुछ जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में करने की तैयारी है, जिसे बाद में चरणबद्ध तरीके से सभी जिलों में विस्तारित किया जाएगा। कृषि विकास मंत्री रामविचार नेताम की अध्यक्षता में गुरुवार को नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन की बैठक हुई।

बैठक में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बासमती धान की खेती को बढ़ावा देने पर सहमति बनी। मंत्री नेताम ने कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं। उनकी आय बढ़ाने के लिए जो भी आवश्यक कदम होंगे, सरकार उन्हें प्राथमिकता के साथ लागू करेगी। बैठक में सामान्य धान की खेती में फसल विविधीकरण तथा राज्य में बासमती धान के रकबे को बढ़ाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई।

कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने बताया कि प्रदेश में धान की विभिन्न किस्मों का उत्पादन होता है, लेकिन बासमती और अन्य सुगंधित चावलों की अंतरराष्ट्रीय तथा यूरोपीय बाजारों में विशेष मांग है। इनके बेहतर दाम भी मिलते हैं।

किसानों की आय बढ़ाने के लिए बनेगी योजना

उन्होंने बताया कि प्रदेश के ऐसे क्षेत्रों की जल्द पहचान की जाएगी, जहां की जलवायु और तापमान बासमती धान के उत्पादन के लिए अनुकूल हैं। चयनित क्षेत्रों में बासमती धान का रकबा बढ़ाकर किसानों को अधिक लाभ दिलाने की योजना बनाई जाएगी।

छत्तीसगढ़ में बासमती धान मिशन की तैयारी, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर - The Guptchar
इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन के पदाधिकारियों ने बासमती धान के उत्पादन और रकबे में वृद्धि के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक में कृषि संचालक राहुल देव, अनुसंधान संचालक डा. संजय त्रिपाठी, बीज निगम, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक तथा इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन के पदाधिकारी मौजूद थे।
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Author: Khabri Chai

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