गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के कोटमीकला साप्ताहिक हाट बाजार में सराफा व्यापारी प्रदीप सोनी की गोली मारकर हत्या करने और जेवर लूटने वाले गिरोह के मुख्य शूटर मनीष मंडल उर्फ राहुल सहित तीन और शातिर आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में बिहार का मनीष मंडल उर्फ राहुल, सुजीत उर्फ राजू दास और झारखंड का संतोष दास शामिल हैं।
पुलिस ने इनके पास से वारदात में इस्तेमाल कट्टा, जिंदा कारतूस और लूटे गए जेवर बरामद किए हैं। इस मामले में बिलासपुर के मास्टरमाइंड खुशीराम साहू सहित कुल 7 आरोपी अब सलाखों के पीछे हैं।
पुलिस जांच में यह बात साफ हो गई है कि इस पूरी खूनी वारदात का मास्टरमाइंड बिलासपुर जिले के बिटकुला गांव का रहने वाला खुशीराम साहू था। खुशीराम ने कोटमी बाजार में आने-जाने वाले सोना-चांदी व्यापारियों की कई दिनों तक रेकी की थी। उसने देखा कि प्रदीप सोनी बाजार से भारी मात्रा में जेवर लेकर लौटते हैं।
इस साजिश को अंजाम देने के लिए खुशीराम ने अपने भतीजे राजाराम साहू और दामाद श्रेयांस शुक्ला को भी शामिल किया। स्थानीय स्तर पर मजबूत टीम बनाने के बाद, खुशीराम ने बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए बिहार और झारखंड के पेशेवर अपराधियों से संपर्क साधा।

खुशीराम ने बिहार में अपने परिचित राहुल के जरिए शूटरों का इंतजाम किया। इसके बाद मुख्य शूटर मनीष मंडल उर्फ राहुल अपने साथी सुजीत उर्फ राजू दास और संतोष दास के साथ बिहार से छत्तीसगढ़ पहुंचे।
मंगलवार, 26 मई 2026 की शाम करीब 7 बजे, जब सराफा व्यापारी प्रदीप सोनी कोटमीकला बाजार से अपना सामान समेट रहे थे, तभी एक पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन नकाबपोश बदमाश वहां पहुंचे। बदमाशों ने प्रदीप सोनी का आभूषणों से भरा बैग लूटने का प्रयास किया। जब प्रदीप सोनी ने अपनी गाढ़ी कमाई को बचाने के लिए कड़ा विरोध किया, तो मुख्य शूटर मनीष मंडल उर्फ राहुल ने कट्टा निकालकर सीधे उनकी छाती के दाहिने हिस्से में गोली मार दी। प्रदीप सोनी लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े और आरोपी बैग लूटकर फरार हो गए।
कोटमी चौकी पुलिस ने गंभीर रूप से घायल प्रदीप सोनी को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना स्थल से पुलिस ने खून के धब्बे और खाली कारतूस बरामद किए थे।
वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी अलग-अलग दिशाओं में भागे। इस दौरान मुख्य शूटर राहुल उर्फ मनीष मंडल और संतोष कुमार दास रास्ता भटक गए। घबराकर दोनों ने बोदरापारा तिलोरा की पहाड़ी (टेकरी) पर छिपकर पूरी रात गुजारी। वहीं, तीसरा शूटर राजू उर्फ सुजीत, मास्टरमाइंड खुशीराम साहू और गया राम रजक के साथ मोटरसाइकिल पर बैठकर देवरीखुर्द स्थित गया प्रसाद रजक के घर सुरक्षित पहुंच गया। अगली सुबह (27 मई को), पहाड़ी पर छिपे राहुल ने खुशीराम को फोन किया। इसके बाद खुशीराम, राजू और गया राम रजक कार लेकर पहाड़ी पहुंचे और दोनों शूटरों को नीचे लाए।
Author: Khabri Chai
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