अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कुछ समय से जारी भारी सैन्य तनाव के बाद आखिरकार एक बड़ी कूटनीतिक सफलता मिलती नजर आ रही है। दोनों देश एक-दूसरे पर सैन्य हमले रोकने के लिए पूरी तरह सहमत हो गए हैं। इस नाजुक शांति समझौते को आगे बढ़ाने और सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए आज (मंगलवार) कतर की राजधानी दोहा में दोनों देशों के बीच एक अत्यंत महत्वपूर्ण और हाईलेवल मीटिंग होने जा रही है।
हाल ही में स्टेट ऑफ हॉर्मुज के पास दोनों देशों के बीच तनाव इस कदर बढ़ गया था कि दोनों मुल्कों ने एक-दूसरे के ठिकानों पर जमकर बमबारी की थी। लेकिन अब इस ताजा डील के बाद दोनों पक्षों ने शांति की तरफ कदम बढ़ाए हैं।
फिलहाल हॉर्मुज से जारी रहेगा जहाजों का निकलना
ताजा समझौते के तहत जब तक दोनों देशों के बीच बातचीत जारी रहेगी, तब तक स्टेट ऑफ हॉर्मुज में कमर्शियल जहाजों और ऑयल टैंकरों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी रहेगी। तकनीकी स्तर की बातचीत के दौरान जहाजों को बिना किसी बाधा के सुरक्षित रास्ता देने का वादा किया गया है।
हॉर्मुज की अहमियत: ईरान के हमलों और धमकियों के कारण इस मार्ग से तेल टैंकरों की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट खड़ा हो गया था। बता दें कि शांतिकाल में दुनिया का करीब 20 फीसदी तेल और प्राकृतिक गैस का व्यापार इसी जलमार्ग से होता है।
ईरान की मांग पर फंसा पेंच: समझौते को लागू करने में सबसे बड़ी बाधा स्टेट ऑफ हॉर्मुज ही बना हुआ है। ईरान ने इस मार्ग से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही का वादा तो किया है, लेकिन बदले में उसने मांग की है कि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों से अपनी नौसैनिक नाकेबंदी को पूरी तरह हटाए।

कतर में जुटेंगे दिग्गज, पहले स्विट्जरलैंड में होनी थी बैठक
व्हाइट हाउस के वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की है कि अमेरिका की तरफ से विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर इस दोहा बैठक में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं।
बदला गया स्थान: शुरुआत में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर यह व्यापक वार्ता स्विट्जरलैंड में आयोजित होनी थी। लेकिन बीते सप्ताहांत में दोनों देशों के बीच बढ़े नए सैन्य तनाव के बाद राजनयिकों ने बैठक का स्थान बदलकर दोहा (कतर) कर दिया और एजेंडे को सीमित करते हुए स्टेट ऑफ हॉर्मुज के विवाद पर केंद्रित कर दिया।
ईरान के हाथ लगेगा खजाना: कतर देगा 6 अरब डॉलर
इस वार्ता के बीच एक और बड़ी खबर ईरान की तरफ से आ रही है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सोमवार को बड़ा बयान देते हुए कहा कि:
कतर में फ्रीज (जब्त) की गई ईरान की 12 अरब डॉलर की संपत्ति में से छह अरब डॉलर की संपत्ति जल्द ही डीफ्रीज (रिलीज) कर दी जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि पेजेशकियन का यह बयान देश की आवाम को इस अंतरिम समझौते के पक्ष में भरोसा दिलाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्टर शेयर कर बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि “ईरान ने खुद इस मीटिंग का अनुरोध किया है और वह हमसे बात करना चाहता है।” व्हाइट हाउस ने साफ किया है कि राष्ट्रपति ट्रंप चाहते हैं कि शांति प्रक्रिया आगे बढ़ती रहे और हाल के दिनों में बढ़े सैन्य तनाव को खत्म कर इस नाजुक समझौते को बचाया जा सके।
Author: Khabri Chai
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