कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में रिश्वत मांगने के आरोप में कटघोरा थाना में पदस्थ दो आरक्षकों पर पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का भय दिखाकर एक युवक से रिश्वत वसूलने का आरोप सिद्ध होने के बाद यह कदम उठाया गया।

कार्रवाई से बचाने के नाम पर पहले मांगे एक लाख रुपये
पीड़ित पक्ष की शिकायत के अनुसार, रजकम्मा निवासी 19 वर्षीय आर्यन ध्रुव 3 अगस्त को अपनी बाइक से कटघोरा से गांव लौट रहा था। इसी दौरान कसनिया बायपास के पास कटघोरा थाना में पदस्थ आरक्षक प्रदीप राठौर और रामधन पटेल ने उसे रोक लिया।
आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने युवक की बाइक की डिक्की में रखी करीब आठ पाव शराब जब्त कर उसे जेल भेजने की धमकी दी। पहले दोनों ने मामले को रफा-दफा करने के लिए एक लाख रुपये की मांग की, बाद में राशि घटाकर 20 हजार रुपये कर दी।
10 हजार रुपये देने के बाद भी नहीं छोड़ी बाइक
डरे हुए युवक ने तत्काल 10 हजार रुपये दे दिए, लेकिन शेष राशि नहीं देने पर दोनों आरक्षकों ने उसकी बाइक जब्त कर ली। इसके बाद पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की।
एसपी ने कराई जांच, आरोप सही मिलने पर हुई कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद एसपी ने मामले की जांच कटघोरा एसडीओपी को सौंपी। जांच रिपोर्ट में दोनों आरक्षकों पर लगाए गए आरोप सही पाए गए। इसके आधार पर पुलिस अधीक्षक ने आरक्षक प्रदीप राठौर और रामधन पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
दो पुलिसकर्मियों पर हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप की स्थिति है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
Author: Khabri Chai
Khabri Chai news portal.




