Indian Railways: रेलवे की कार्रवाई प्रक्रिया में बदलाव, इन मामलों में मजिस्ट्रेट कोर्ट की जगह विभागीय स्तर पर वसूला जाएगा जुर्माना

 

बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल में यात्रियों से जुड़े कुछ सामान्य रेलवे उल्लंघनों की कार्रवाई प्रक्रिया में बदलाव की जानकारी सामने आई है। निर्धारित श्रेणी के मामलों में अब कार्रवाई को विभागीय स्तर पर पूरा कर जुर्माना वसूलने की व्यवस्था की जा रही है। पहले ऐसे कई मामलों में कार्रवाई के बाद प्रकरण रेल मजिस्ट्रेट की अदालत तक पहुंचता था।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक इस बदलाव का उद्देश्य सामान्य प्रकृति के मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया को सरल करना और रेल मजिस्ट्रेट की अदालत में ऐसे प्रकरणों का बोझ कम करना है। हालांकि, गंभीर अपराधों और ऐसे मामलों में जिनमें न्यायिक कार्रवाई आवश्यक है, संबंधित कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया जारी रहेगी।

 

करीब 13 सामान्य मामलों में बदली प्रक्रिया

नई व्यवस्था के तहत करीब 13 तरह के सामान्य मामलों को विभागीय स्तर पर निपटाने की जानकारी दी गई है। इनमें ट्रेन या स्टेशन परिसर में शराब पीना, धूम्रपान करना, नियमों के विपरीत खान-पान की सामग्री बेचना और बिना टिकट यात्रा जैसे मामले शामिल बताए गए हैं।

इन मामलों में रेलवे के कमर्शियल विभाग और संबंधित जांच टीमें मौके पर नियमों के अनुसार कार्रवाई कर जुर्माना वसूल सकती हैं। हालांकि किसी भी मामले में लागू कानून, उल्लंघन की प्रकृति और निर्धारित अधिकार क्षेत्र के अनुसार ही कार्रवाई की जाएगी।

रेल मजिस्ट्रेट की अदालत में कम होंगे सामान्य प्रकरण

सीनियर डीसीएम अनुराग कुमार सिंह के अनुसार, पहले ऐसे मामलों में आरोपी को कार्रवाई के बाद रेल मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किए जाने की प्रक्रिया अपनाई जाती थी। अब निर्धारित श्रेणी के सामान्य मामलों में विभागीय स्तर पर ही कार्रवाई पूरी करने की व्यवस्था लागू की जा रही है।

इसका उद्देश्य सामान्य मामलों को विभागीय स्तर पर निपटाकर न्यायिक व्यवस्था पर अनावश्यक भार कम करना बताया गया है।

सितंबर में 43,710 मामलों पर कार्रवाई

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर, रायपुर और नागपुर मंडलों में 1 से 20 सितंबर 2026 तक विशेष एवं नियमित टिकट जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान कुल 43,710 मामलों में कार्रवाई की गई और रेलवे ने ₹3,13,15,499 की आय अर्जित की।

जांच के दौरान बिना टिकट, अनियमित टिकट और बिना उचित यात्रा प्राधिकार के सफर करने वाले यात्रियों के खिलाफ रेलवे नियमों के तहत कार्रवाई की गई। टिकट जांच दल प्रमुख स्टेशनों के साथ-साथ विभिन्न ट्रेनों में भी जांच कर रहे हैं।

बिना टिकट और अनियमित यात्रा पर लगातार जांच

रेलवे का टिकट जांच अभियान केवल स्टेशनों तक सीमित नहीं है। चलती ट्रेनों में भी टिकट जांच दल यात्रियों के टिकट और यात्रा प्राधिकार की जांच कर रहे हैं। बिना टिकट या अनियमित टिकट के साथ यात्रा करने वालों से नियमों के अनुसार अतिरिक्त किराया और दंड वसूला जाता है।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे इससे पहले अगस्त महीने में भी विशेष टिकट जांच अभियान चला चुका है। अगस्त में तीनों मंडलों में 60,822 अनियमित एवं बिना टिकट यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई कर ₹4.19 करोड़ से अधिक की वसूली की गई थी।

कुछ उल्लंघनों में जुर्माने की राशि में बदलाव

उपलब्ध जानकारी के अनुसार कुछ श्रेणियों के उल्लंघनों के लिए जुर्माने की राशि में भी बदलाव किया गया है। रिपोर्टों में कुछ मामलों में पहले निर्धारित ₹250 के जुर्माने को ₹500 और ₹500 वाले मामलों में ₹1,000 तक किए जाने की जानकारी दी गई है। कुछ मामलों में अधिकतम जुर्माना ₹2,500 तक होने की बात भी सामने आई है।

हालांकि, यात्रियों के लिए लागू जुर्माने की वास्तविक राशि संबंधित रेलवे कानून, उल्लंघन की श्रेणी और मामले की परिस्थितियों के आधार पर निर्धारित होगी।

स्टेशन से लेकर चलती ट्रेन तक निगरानी

नई कार्रवाई प्रक्रिया के बीच रेलवे की जांच टीमें प्रमुख स्टेशनों के अलावा ट्रेनों में भी लगातार निगरानी कर रही हैं। टिकट जांच के साथ रेलवे परिसर में धूम्रपान, शराब सेवन और अन्य प्रतिबंधित गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।

रेलवे का कहना है कि यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले वैध टिकट लेना चाहिए और यात्रा के दौरान अपने टिकट या यात्रा प्राधिकार को सुरक्षित रखना चाहिए। बिना टिकट अथवा अनियमित टिकट के साथ यात्रा करने पर रेलवे नियमों के अनुसार अतिरिक्त किराया और दंड लगाया जा सकता है।

यात्रियों के लिए क्या बदला?

नई व्यवस्था का सीधा असर उन यात्रियों पर पड़ेगा जो रेलवे के निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हैं। सामान्य श्रेणी के कुछ मामलों में कार्रवाई के लिए मजिस्ट्रेट कोर्ट तक जाने की आवश्यकता कम हो सकती है और अधिकृत रेलवे अधिकारी विभागीय स्तर पर ही जुर्माना वसूल सकेंगे।

वहीं, गंभीर प्रकृति के अपराधों पर संबंधित कानूनों के तहत न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी। इसलिए यात्रियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि वे वैध टिकट के साथ यात्रा करें और ट्रेन व स्टेशन परिसर में रेलवे द्वारा निर्धारित नियमों का पालन करें।

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Author: Khabri Chai

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