श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर को लेकर अमेरिका के रुख में बदलाव के संकेतों ने कूटनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के जम्मू-कश्मीर दौरे के दौरान दिए गए बयानों को इस दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात के बाद गोर ने जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था में हुए सुधार की सराहना की और क्षेत्र को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

उनके बयान ऐसे समय में सामने आए हैं, जब जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति और अमेरिकी नागरिकों के लिए जारी यात्रा चेतावनी को लेकर लगातार चर्चा होती रही है।
पहली बार कश्मीर पहुंचे अमेरिकी राजदूत
सर्जियो गोर का जम्मू-कश्मीर दौरा खास महत्व रखता है। पुनर्गठन और अनुच्छेद 370 में बदलाव के बाद इसे उनके पहले कश्मीर दौरे के तौर पर देखा जा रहा है।
श्रीनगर में उन्होंने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से मुलाकात की। इस दौरान जम्मू-कश्मीर की मौजूदा स्थिति के साथ भारत-अमेरिका संबंधों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
गोर ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सकारात्मक टिप्पणी की और कहा कि केंद्र तथा जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने क्षेत्र को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
Travel Advisory को लेकर भी बड़ा संकेत
अमेरिकी राजदूत के बयान का एक अहम हिस्सा जम्मू-कश्मीर के लिए जारी US Travel Advisory से जुड़ा रहा। उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए यात्रा चेतावनी के स्तर में संभावित बदलाव के संकेत दिए।
हालांकि, अभी अमेरिकी सरकार की ओर से Travel Advisory में बदलाव को लेकर कोई औपचारिक फैसला घोषित नहीं किया गया है।
अमेरिका लंबे समय से जम्मू-कश्मीर के अधिकांश हिस्सों के लिए अपने नागरिकों को उच्च स्तर की यात्रा चेतावनी जारी करता रहा है। ऐसे में अगर भविष्य में इसमें कमी की जाती है, तो इसे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति में सुधार की अमेरिकी स्वीकार्यता के तौर पर देखा जा सकता है।
कश्मीर पर अमेरिकी भाषा में बदलाव क्यों अहम?
कश्मीर के मुद्दे पर अमेरिका की कूटनीतिक भाषा में लंबे समय से भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद का संदर्भ देखने को मिलता रहा है। ऐसे में अमेरिकी राजदूत का जम्मू-कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताना राजनीतिक और कूटनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के नजरिए से यह बयान भारत-अमेरिका के बीच बढ़ती रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर दोनों देशों की समझ के संदर्भ में अहम हो सकता है।
उमर अब्दुल्ला ने बैठक को बताया सकारात्मक
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी अमेरिकी राजदूत के साथ हुई मुलाकात को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि बातचीत में भारत-अमेरिका संबंधों के अलावा जम्मू-कश्मीर से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।
उमर अब्दुल्ला ने संकेत दिया कि जम्मू-कश्मीर और अमेरिका के बीच भविष्य में सहयोग तथा संबंधों को और व्यापक बनाया जा सकता है। उन्होंने इस तरह की बातचीत को आगे भी जारी रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
पहलगाम हमले के बाद सुरक्षा पर लगातार नजर
अमेरिकी राजदूत का कश्मीर दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब पहलगाम आतंकी हमले के बाद जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर बनी हुई है।
ऐसे में अमेरिकी राजदूत द्वारा सुरक्षा सुधार की सराहना और Travel Advisory में संभावित बदलाव का संकेत घाटी की बदली परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि Travel Advisory में बदलाव का अंतिम फैसला अभी बाकी है। यदि अमेरिका आने वाले समय में जम्मू-कश्मीर के लिए चेतावनी का स्तर कम करता है, तो इसे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को लेकर एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक संकेत माना जा सकता है।
Author: Khabri Chai
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