रायपुर। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन लेने वाले हितग्राहियों के लिए परेशानी की स्थिति बनी हुई है। चालू माह में दो महीने का चावल एक साथ वितरित किया जाना है, लेकिन उचित मूल्य की दुकानों में अब तक दो महीने के हिसाब से पर्याप्त खाद्यान्न का भंडारण नहीं हो पाया है। इसी वजह से छत्तीसगढ़ पीडीएस संचालक संघ ने फिलहाल एक महीने का ही चावल वितरित करने का निर्णय लिया है।

पीडीएस संचालक संघ का कहना है कि समय पर खाद्यान्न का भंडारण नहीं होने के कारण कई दुकानों में स्टॉक जल्द खत्म हो जाता है। इसके बाद दोबारा खाद्यान्न की मांग करने और उसकी आपूर्ति होने में कई दिन लग जाते हैं। ऐसे में हितग्राहियों को परेशानी होती है और कई बार इसका जिम्मेदार राशन दुकान संचालकों को माना जाता है।
पांच दिन से ई-पॉस मशीनें बंद
एक तरफ राशन दुकानों में दो महीने के चावल का पर्याप्त भंडारण नहीं हो पाया है, वहीं दूसरी तरफ ई-पॉस मशीनें भी पिछले पांच दिनों से बंद हैं। इसके कारण कई उचित मूल्य की दुकानों में खाद्यान्न वितरण शुरू नहीं हो पाया है।
बताया जा रहा है कि हर महीने की शुरुआत में ई-पॉस मशीनों के बंद रहने की समस्या सामने आती है। खाद्यान्न वितरण के लिए हर माह की पहली तारीख से दिशा-निर्देश जारी रहते हैं, लेकिन आवंटन के अनुसार ऑनलाइन सॉफ्टवेयर में डेटा अपलोड करने की प्रक्रिया में ही करीब 4 से 5 दिन लग जाते हैं।
इस दौरान ई-पॉस मशीनों के माध्यम से राशन वितरण नहीं हो पाता और हितग्राहियों को दुकान से वापस लौटना पड़ता है।
महीने में सिर्फ 10 से 12 दिन हो पाता है वितरण
पीडीएस संचालकों के मुताबिक ई-पॉस मशीनों के बंद रहने, छुट्टियों और समय पर खाद्यान्न का भंडारण नहीं होने के कारण कई राशन दुकानों में महीने के दौरान वास्तविक रूप से सिर्फ 10 से 12 दिन ही खाद्यान्न का वितरण हो पाता है।
इससे राशन दुकान संचालकों के साथ-साथ हितग्राहियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार दुकान में स्टॉक खत्म होने के बाद नए स्टॉक के लिए इंतजार करना पड़ता है।
यही वजह है कि पीडीएस संचालक संघ दो महीने का चावल एक साथ वितरित करने के निर्णय को लेकर भी चिंता जता रहा है। संघ का कहना है कि यदि दो महीने का चावल एक साथ दुकानों तक नहीं पहुंचा तो वितरण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
संचालक संघ ने बताया विवाद का कारण
छत्तीसगढ़ पीडीएस संघ के अध्यक्ष नरेश बाफना के मुताबिक, राशन दुकानों में समय पर खाद्यान्न का भंडारण नहीं होने के कारण समस्या लगातार बनी रहती है। कुछ दिनों में दुकान का स्टॉक खत्म हो जाता है और दोबारा मांग भेजने के बाद खाद्यान्न पहुंचने में कई दिन लग जाते हैं।
ऐसी स्थिति में हितग्राहियों की नाराजगी राशन दुकान संचालकों पर निकलती है और कई बार विवाद की स्थिति भी बन जाती है। इसी को देखते हुए फिलहाल दो महीने का चावल एक साथ वितरित नहीं करने का निर्णय लिया गया है।
दो महीने का चावल उपलब्ध कराने के निर्देश
इस मामले में अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने कहा है कि शासन की ओर से दो महीने का चावल एक साथ वितरित करने के आदेश दिए गए हैं। आदेश के अनुरूप उचित मूल्य की दुकानों में दो महीने का चावल उपलब्ध कराने के लिए नागरिक आपूर्ति निगम को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
अब मुख्य चुनौती राशन दुकानों तक पर्याप्त मात्रा में खाद्यान्न पहुंचाने और ई-पॉस मशीनों के संचालन को सुचारु करने की है, ताकि हितग्राहियों को समय पर राशन मिल सके।
हितग्राहियों को राशन के लिए करना पड़ रहा इंतजार
ई-पॉस मशीनों के बंद रहने और खाद्यान्न भंडारण में देरी के कारण राशन लेने पहुंच रहे हितग्राहियों को भी इंतजार करना पड़ रहा है। महीने की शुरुआत में राशन वितरण की उम्मीद लेकर दुकान पहुंचने वाले लोगों को कई जगह तकनीकी समस्या या स्टॉक उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी जा रही है।
ऐसे में पीडीएस व्यवस्था से जुड़े लोगों की मांग है कि ई-पॉस मशीनों के संचालन और खाद्यान्न भंडारण की प्रक्रिया को समयबद्ध किया जाए, ताकि हर महीने निर्धारित अवधि में हितग्राहियों को राशन मिल सके।
फिलहाल निगाह इस बात पर है कि राशन दुकानों में दो महीने के चावल का भंडारण कब तक पूरा होता है और ई-पॉस मशीनों के बंद रहने की समस्या कब दूर होती है।
Author: Khabri Chai
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