पंडरिया। कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड के वनांचल क्षेत्र में गुरुवार शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। लगातार हो रही बारिश के चलते उफान पर आई आगर नदी के ढोलढोली रपटे को पार करने के दौरान 25 यात्रियों से भरा एक एसएमएल वाहन तेज बहाव में फंस गया। वाहन का संतुलन बिगड़ने से एक पहिया रपटे से नीचे उतर गया, जबकि दूसरा ऊपर अटक गया। इससे वाहन तिरछा हो गया और उसमें सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और अपनी जान जोखिम में डालकर सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दौरान महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को प्राथमिकता देते हुए मानव श्रृंखला बनाकर उन्हें नदी के सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया गया। ग्रामीणों की सतर्कता और साहस के चलते बड़ा हादसा टल गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना शाम करीब पांच बजे की है। नदी का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ था, बावजूद इसके चालक ने रपटा पार करने का प्रयास किया। जैसे ही वाहन बीच धारा में पहुंचा, तेज बहाव के कारण वह अनियंत्रित होकर फंस गया। खतरा बढ़ता देख कुछ यात्री खिड़कियों और दरवाजों के सहारे बाहर निकले, जबकि कई लोग वाहन के भीतर ही फंसे रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि ढोलढोली रपटा कई सीमावर्ती गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है। बरसात और शादी के सीजन में यहां क्षमता से अधिक सवारियों वाले वाहन लगातार गुजरते हैं। प्रशासनिक निगरानी की कमी के कारण चालक उफनते रपटों पर भी वाहन चलाने का जोखिम उठाते हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी है। उन्होंने ढोलढोली रपटे की जगह ऊंचे और स्थायी पुल के निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बरसात में यही स्थिति बनती है, जिससे आम लोगों के साथ गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
Author: Khabri Chai
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