Bastar Weather: सावन बीता, फिर भी बारिश का इंतजार! 199 MM की कमी ने बढ़ाई किसानों की चिंता

बस्तर। सावन का आधे से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन बस्तर में इस बार मानसून उम्मीद के मुताबिक रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। जिले में अब तक 627.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा करीब 826.5 मिलीमीटर रहता है। यानी बस्तर में अब तक 199.1 मिलीमीटर यानी करीब 24 प्रतिशत बारिश की कमी दर्ज की गई है।

There is no longer any profit from the soybean crop as production has  declined; In paddy fields, the farmer gets only Rs 9500 per acre. Earnings

सावन में लगातार बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहती है, जिससे खरीफ फसलों को फायदा मिलता है। लेकिन इस बार बारिश के बीच लंबे अंतराल देखने को मिल रहे हैं। कुछ इलाकों में हुई बारिश से किसानों को राहत जरूर मिली है, लेकिन नियमित बारिश नहीं होने से खेती को लेकर चिंता बनी हुई है।

धान की फसल पर सबसे ज्यादा असर की चिंता

बस्तर में खरीफ सीजन में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती पर निर्भर रहते हैं। धान की फसल के लिए खेतों में पर्याप्त पानी और नमी जरूरी होती है। ऐसे में बारिश में लगातार अंतराल रहने से फसल प्रबंधन मुश्किल हो सकता है।

बारिश की कमी के कारण किसानों को खेतों में नमी बनाए रखने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़ सकते हैं। यदि आने वाले दिनों में पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो इसका असर फसल की बढ़वार और आगे चलकर उत्पादन पर भी पड़ने की आशंका है।

भादो की बारिश पर टिकी उम्मीद

फिलहाल किसानों की नजर अब भादो में होने वाली बारिश पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है तो बारिश की मौजूदा कमी की काफी हद तक भरपाई की जा सकती है।

वहीं, यदि बारिश का अंतराल लगातार लंबा रहा तो खेती की लागत बढ़ने के साथ किसानों पर फसल प्रबंधन का दबाव भी बढ़ सकता है।

आने वाले सप्ताह बेहद अहम

सावन में झड़ी के लिए पहचाने जाने वाले बस्तर में इस बार बारिश की स्थिति ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि मानसून सीजन अभी बाकी है और आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति बदल सकती है, लेकिन अगले कुछ सप्ताह खरीफ फसल के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

अब किसानों को उम्मीद है कि भादो में मानसून सक्रिय होगा और खेतों को पर्याप्त पानी मिलेगा, जिससे धान समेत अन्य खरीफ फसलों को राहत मिल सके।

Khabri Chai
Author: Khabri Chai

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