नई दिल्ली। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और असम राइफल्स के जवानों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इन बलों के कर्मियों की पांच प्रमुख केंद्रीय एजेंसियों में प्रतिनियुक्ति (Deputation) अवधि 5 साल से बढ़ाकर 7 साल कर दी है। यह बदलाव CBI, NIA, NSG, NCB और NDRF में लागू होगा।
गृह मंत्रालय ने इसके लिए 22 नवंबर 2016 को जारी प्रतिनियुक्ति संबंधी नीतिगत दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है। नए प्रावधान के तहत संबंधित कर्मियों की एजेंसी में नियुक्ति के समय ही 7 साल की प्रतिनियुक्ति अवधि तय की जाएगी।
पहली नियुक्ति से ही 7 साल की प्रतिनियुक्ति
गृह मंत्रालय के पुलिस-2 प्रभाग के कार्मिक-नीति अनुभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, विशेष कार्यक्षेत्र वाली इन पांच केंद्रीय एजेंसियों में CAPF और असम राइफल्स के कर्मियों की प्रतिनियुक्ति अब प्रारंभिक नियुक्ति से ही सात वर्ष के लिए होगी।
यानी जिस दिन कोई जवान संबंधित एजेंसी में प्रतिनियुक्ति पर शामिल होगा, उसी दिन से उसकी सात साल की अवधि की गणना शुरू होगी। इससे पहले यह अवधि पांच वर्ष निर्धारित थी।

NSG के अनुरोध के बाद बढ़ी प्रतिनियुक्ति अवधि
प्रतिनियुक्ति अवधि बढ़ाने की प्रक्रिया राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) के अनुरोध के बाद शुरू हुई। NSG ने गृह मंत्रालय से CAPF और असम राइफल्स के कर्मियों की प्रतिनियुक्ति अवधि को पांच से बढ़ाकर सात वर्ष करने का अनुरोध किया था।
इसके बाद CBI ने भी मई में गृह मंत्रालय को पत्र भेजकर प्रतिनियुक्ति अवधि सात वर्ष करने का अनुरोध किया। इस मुद्दे पर CAPF और असम राइफल्स के साथ भी विचार-विमर्श किया गया।
इन 5 एजेंसियों में लागू होगा नया नियम
संशोधित प्रावधान के तहत CAPF और असम राइफल्स के जवानों की सात साल की प्रतिनियुक्ति अवधि इन पांच केंद्रीय एजेंसियों में लागू होगी—
- CBI – केंद्रीय जांच ब्यूरो
- NIA – राष्ट्रीय जांच एजेंसी
- NSG – राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड
- NCB – नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो
- NDRF – राष्ट्रीय आपदा मोचन बल
एजेंसियों को मिलेगा अनुभवी जवानों का फायदा
प्रतिनियुक्ति अवधि बढ़ाने के पीछे प्रमुख उद्देश्य केंद्रीय एजेंसियों में अनुभवी और प्रशिक्षित मानव संसाधन की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना है। लंबे समय तक एक ही एजेंसी में काम करने से जवानों को संबंधित संगठन की कार्यप्रणाली, जांच प्रक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था और विशेष अभियानों का बेहतर अनुभव हासिल होगा।
खासकर NSG जैसी विशेषज्ञ एजेंसी में प्रशिक्षित जवानों को लंबे समय तक बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जाता है। वहीं CBI, NIA, NCB और NDRF जैसी एजेंसियों को भी अनुभवी कर्मियों की उपलब्धता से अपनी कार्यक्षमता और परिचालन क्षमता मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
रिप्लेसमेंट की तैयारी पहले से करनी होगी
नए नियम के तहत प्रतिनियुक्ति अवधि सात वर्ष होने के बाद संबंधित एजेंसियों को कर्मचारियों के स्थान पर उपयुक्त प्रतिस्थापन की व्यवस्था पहले से करनी होगी। इसका उद्देश्य प्रतिनियुक्ति पूरी होने के बाद अचानक होने वाली रिक्तियों और मानव संसाधन से जुड़ी परेशानियों को कम करना है।
कुल मिलाकर गृह मंत्रालय का यह फैसला केंद्रीय जांच, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन एजेंसियों में अनुभवी CAPF और असम राइफल्स कर्मियों की सेवाओं का लंबे समय तक उपयोग करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Author: Khabri Chai
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