रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए गए अभियान और विकास कार्यों पर विस्तृत वक्तव्य देते हुए कहा कि दशकों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा बस्तर अब शांति, सुरक्षा, विश्वास और विकास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस तथा स्थानीय जनता के सहयोग को दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र सरकार ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए सुरक्षा और विकास आधारित रणनीति अपनाई, जिसका सकारात्मक परिणाम आज पूरे बस्तर में दिखाई दे रहा है। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए केंद्रीय सुरक्षा बलों, छत्तीसगढ़ पुलिस और सभी सुरक्षा एजेंसियों के योगदान की सराहना की।
‘बस्तर रोडमैप 2.0’ से विकास को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री ने बताया कि नक्सलवाद से मुक्ति के बाद अब सरकार का पूरा फोकस बस्तर के समग्र विकास पर है। इसके लिए ‘बस्तर रोडमैप 2.0’ तैयार किया गया है, जिसके तहत पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना, आजीविका और रोजगार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के माध्यम से 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का संतृप्तिकरण किया जा रहा है, जिससे 5,542 गांवों के 39 लाख से अधिक लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
बस्तर में तेजी से पहुंचीं विकास योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा अभियान के साथ-साथ विकास कार्यों को भी समान प्राथमिकता दी गई। उन्होंने बताया कि बस्तर संभाग में अब तक:
- 6.79 लाख राशन कार्ड बनाए गए।
- 17 लाख जनधन खाते खोले गए।
- 24.66 लाख आधार कार्ड जारी किए गए।
- 22 लाख आयुष्मान कार्ड बनाए गए।
- 1.18 लाख व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र वितरित किए गए।
- 3.89 लाख किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए।
इसके अलावा 1.76 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं, जबकि नक्सल हिंसा प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पित नक्सलियों के लिए 15 हजार अतिरिक्त आवास भी मंजूर किए गए हैं।

बंद स्कूल फिर खुले, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि नक्सल प्रभावित 240 गांवों में पहले बंद पड़े 458 स्कूलों में से 421 स्कूलों का संचालन दोबारा शुरू कर दिया गया है और 36 नए स्कूलों की स्वीकृति दी गई है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनका डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किया गया है। वहीं, सुरक्षा शिविरों को अब ‘शहीद गुंडाधुर सेवा डेरा’ के रूप में विकसित कर नागरिक सेवाओं और जनकल्याण गतिविधियों का केंद्र बनाया जा रहा है।
रेल, सड़क और रोजगार पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने बताया कि 3,513 करोड़ रुपये की लागत से जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। साथ ही रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे अंतिम चरण में है, जिससे बस्तर की कनेक्टिविटी, व्यापार और पर्यटन को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए सभी विकासखंडों में कौशल प्रशिक्षण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। वहीं बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों में 4 लाख से अधिक लोगों की भागीदारी ने सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती दी है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि बस्तर के लोगों के जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि सुरक्षा, विकास और जनकल्याण की एकीकृत रणनीति से बस्तर आने वाले वर्षों में देश के अग्रणी जनजातीय क्षेत्रों में शामिल होगा।
Author: Khabri Chai
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