नई दिल्ली। मेडिकल स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली देश की सबसे बड़ी परीक्षा NEET-UG में अगले साल से बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET-UG को पारंपरिक पेन-पेपर मोड की जगह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है।
शिक्षा मंत्रालय पहले ही इस बदलाव का संकेत दे चुका था और अब मंत्रालय का दावा है कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी है। हालांकि NEET-UG मूल रूप से स्वास्थ्य मंत्रालय से जुड़ी परीक्षा है, इसलिए इसके स्वरूप में बदलाव के लिए दोनों मंत्रालयों की सहमति आवश्यक थी।
यह फैसला मई 2026 में आयोजित NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक विवाद के बाद सामने आया है। पेपर लीक के कारण परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी और 21 जून को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई थी। इसके बाद परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए CBT मोड अपनाने पर गंभीरता से विचार किया गया।

सूत्रों के अनुसार, NTA ने शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ इस विषय पर कई दौर की चर्चा की है। जल्द ही राज्यों के साथ भी बैठकें की जाएंगी ताकि परीक्षा के नए स्वरूप को लेकर छात्रों और शैक्षणिक संस्थानों को समय रहते तैयार किया जा सके। इसके अलावा आम लोगों और विशेषज्ञों से भी सुझाव लेने की योजना बनाई जा रही है।
हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि NEET-UG का आयोजन एक ही दिन में होगा या फिर JEE Main और CUET की तरह कई दिनों और अलग-अलग शिफ्टों में परीक्षा कराई जाएगी। हर वर्ष लगभग 22 से 24 लाख अभ्यर्थियों के आवेदन को देखते हुए एक दिन में परीक्षा आयोजित करना बड़ी चुनौती माना जा रहा है।
गौरतलब है कि परीक्षा सुधारों के लिए गठित राधाकृष्णन समिति ने भी NEET-UG को CBT मोड में कराने की सिफारिश की थी। पेपर लीक विवाद के बाद यह सवाल भी उठा था कि समिति की सिफारिशों को पहले लागू क्यों नहीं किया गया।
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो NEET-UG के इतिहास में यह सबसे बड़ा बदलाव होगा, जिससे परीक्षा की सुरक्षा, पारदर्शिता और निष्पक्षता को और मजबूत करने की उम्मीद जताई जा रही है।
Author: Khabri Chai
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