Nepal Flood 2026: नेपाल में जलप्रलय से हाहाकार, 95 की मौत और 463 लापता; 15 हेलीकॉप्टर रेस्क्यू में जुटे

काठमांडू। नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। अचानक बढ़े जलस्तर और तेज बहाव ने कई इलाकों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। बाढ़ की चपेट में आने से अब तक 95 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 463 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। तेज बहाव में कई वाहन बह गए हैं और सड़क, पुल तथा अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।

Hundreds dead and missing after flash flood hits Nepal-Tibet border - as it  happened | Reuters

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सेना और सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया है। दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों को निकालने के लिए 15 हेलीकॉप्टर रेस्क्यू ऑपरेशन में लगाए गए हैं।

463 लोग अब भी लापता

भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद लापता लोगों की संख्या बढ़कर 463 पहुंच गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इनमें 133 भारतीय, 52 विदेशी और 13 नेपाली नागरिक शामिल हैं।

इसके अलावा कैलाश यात्रा पर गए 31 यात्री भी लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 26 विदेशी नागरिक हैं, हालांकि उनकी राष्ट्रीयता की पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने से राहत एवं बचाव एजेंसियों के सामने चुनौती बढ़ गई है। कई प्रभावित क्षेत्र बेहद दुर्गम हैं और तेज जलप्रवाह के कारण वहां पहुंचना मुश्किल बना हुआ है।

13 जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान

बाढ़ का असर नेपाल के जलविद्युत क्षेत्र पर भी पड़ा है। भोटेकोशी नदी के तेज बहाव से 13 जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं।

इसके अलावा कई सड़क मार्ग और संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने की खबर है। कई जगहों पर वाहनों के बह जाने से आवागमन पूरी तरह बाधित हुआ है। बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान के कारण राहत टीमों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

नेपाल सेना ने 250 से ज्यादा लोगों को बचाया

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नेपाल सेना ने बड़े स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया है। सेना की टीमों ने अब तक 250 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता हासिल की है।

रेस्क्यू अभियान को गति देने के लिए 15 हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। हेलीकॉप्टरों की मदद से दुर्गम इलाकों में फंसे लोगों का पता लगाया जा रहा है और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है।

भारत-नेपाल सीमा पर भी बढ़ी निगरानी

नेपाल में बिगड़े हालात को देखते हुए भारत ने भी सीमा क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है। एसएसबी की 11 रेस्क्यू एंड रिलीफ टीमें तैयार रखी गई हैं, जबकि 7 अतिरिक्त टीमें स्टैंडबाय पर हैं।

जरूरत पड़ने पर इन टीमों को तत्काल राहत और बचाव अभियान में लगाया जा सकता है। नेपाल में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों के लापता होने की सूचना के बाद भारतीय एजेंसियां भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

यूपी और बिहार में भी प्रशासन अलर्ट

नेपाल में भारी बारिश और बाढ़ के बाद उत्तर प्रदेश और बिहार में भी प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। नेपाल से भारत की ओर आने वाली नदियों के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।

उत्तर प्रदेश में गंडक और नारायणी नदी के जलस्तर पर विशेष नजर रखी जा रही है। महाराजगंज और कुशीनगर समेत संवेदनशील इलाकों में प्रशासन को अलर्ट किया गया है।

वहीं बिहार में कोसी समेत प्रमुख नदियों की स्थिति की निगरानी की जा रही है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को लेकर प्रशासन विशेष सतर्कता बरत रहा है।

पीएम मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री से की बातचीत

नेपाल में आई इस भीषण प्राकृतिक आपदा के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने बाढ़ से हुए जान-माल के नुकसान पर चिंता जताई और नेपाल को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया।

भारत की ओर से राहत और बचाव कार्यों में सहयोग की पेशकश ऐसे समय में की गई है, जब बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं और कई प्रभावित क्षेत्रों में अभियान जारी है।

दुर्गम इलाकों में रेस्क्यू सबसे बड़ी चुनौती

बाढ़ के बाद सबसे बड़ी चुनौती उन लोगों तक पहुंचना है जो दुर्गम क्षेत्रों में फंसे हुए हैं। तेज जलप्रवाह, क्षतिग्रस्त सड़कें और संपर्क मार्गों के टूटने के कारण जमीनी स्तर पर राहत पहुंचाना मुश्किल हो रहा है।

ऐसे में हेलीकॉप्टरों के जरिए प्रभावित इलाकों की निगरानी और रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां लापता लोगों की तलाश के साथ-साथ प्रभावित परिवारों तक जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने में जुटी हैं।

मृतकों और लापता लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका

बाढ़ की भयावहता और कई इलाकों के संपर्क से कटे होने के कारण आने वाले समय में मृतकों और प्रभावित लोगों की संख्या में बदलाव की आशंका बनी हुई है।

फिलहाल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की प्राथमिकता लापता लोगों की तलाश, फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालना और प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाना है।

नेपाल में भोटेकोशी नदी की इस भीषण बाढ़ ने एक बड़े मानवीय संकट को जन्म दिया है। नेपाल के साथ-साथ भारत भी हालात पर नजर बनाए हुए है। आने वाले घंटों में राहत एवं बचाव अभियान के साथ स्थिति की वास्तविक तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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Author: Khabri Chai

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