Raipur Crypto Fraud: छात्र ने ही शिक्षक को लगाया करोड़ों का चूना! क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर 1.54 करोड़ की ठगी

रायपुर। राजधानी रायपुर में क्रिप्टो करेंसी और USDT ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर एक कोचिंग संचालक से 1 करोड़ 54 लाख 90 हजार रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि पीड़ित शिक्षक की आरोपितों से पहचान उनके ही एक छात्र के जरिए हुई थी। आरोप है कि छात्र समेत पांच लोगों ने मिलकर क्रिप्टो ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का झांसा दिया और भरोसा जीतने के बाद शिक्षक से बड़ी रकम निवेश करा ली।

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शिकायत के मुताबिक आरोपितों ने ट्रेडिंग कारोबार में 25 से 30 प्रतिशत तक मासिक मुनाफे का दावा किया था। वहीं, उनके साथ पैसा लगाने वाले निवेशकों को 8 से 10 प्रतिशत तक निश्चित लाभ देने की बात कही गई। शुरुआत में कुछ समय तक लाभ मिलने के बाद शिक्षक का भरोसा आरोपितों पर बढ़ता गया और उन्होंने अपनी जमा पूंजी के साथ बैंक से ऋण लेकर तथा अन्य स्रोतों से रकम उधार लेकर भी निवेश कर दिया।

छात्र के जरिए हुई थी आरोपितों से पहचान

समता कॉलोनी निवासी पुष्कर जैन पेशे से शिक्षक हैं और गोदावरी सेवा सदन में ‘प्राइम प्रोफेशनल क्लासेस’ नाम से कॉमर्स की कोचिंग चलाते थे। वर्ष 2020-21 के दौरान उनकी पहचान उनके विद्यार्थी नेहल अग्रवाल से हुई।

शिकायतकर्ता के अनुसार, नेहल ने उन्हें बताया कि वह ललित अग्रवाल उर्फ लक्की, विवेक अग्रवाल और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ क्रिप्टो करेंसी और USDT ट्रेडिंग का कारोबार करता है। कथित तौर पर नेहल ने इस कारोबार में 25 से 30 प्रतिशत तक मासिक लाभ होने का दावा किया।

आरोप है कि नेहल ने यह भी बताया कि उसका खुद का करीब तीन करोड़ रुपये इस कारोबार में लगा हुआ है। शुरुआत में पुष्कर जैन को कुछ लाभ दिया गया, जिससे उन्हें लगा कि वास्तव में क्रिप्टो ट्रेडिंग में पैसा लगाया जा रहा है और उससे मुनाफा कमाया जा रहा है।

भरोसा जीतने के बाद बढ़ता गया निवेश

शुरुआती लाभ मिलने के बाद शिक्षक का भरोसा आरोपितों पर बढ़ गया। इसके बाद उन्होंने लगातार रकम निवेश करनी शुरू कर दी। शिकायत के मुताबिक 22 अगस्त 2024 से 3 फरवरी 2026 के बीच अलग-अलग तारीखों पर RTGS और ऑनलाइन माध्यम से आरोपितों के बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए।

शिकायत में अलग-अलग खातों में भेजी गई रकम का विवरण भी दिया गया है।

अलग-अलग खातों में ट्रांसफर हुए करोड़ों रुपये

शिकायत के अनुसार नेहल अग्रवाल के खाते में 22 अगस्त 2024 को 10 लाख, 5 सितंबर को 20 लाख और 6 सितंबर को 20 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए।

इसके बाद ललित अग्रवाल के खाते में 21 सितंबर को 24 लाख, 18 अक्टूबर को 10 लाख, 6 दिसंबर को 11 लाख, 16 दिसंबर को 11 लाख और 10 जनवरी 2025 को 30 लाख रुपये भेजे गए।

इसके अलावा 14 जनवरी 2026 को ललित अग्रवाल को 5 लाख रुपये, 28 अक्टूबर 2024 को विवेक अग्रवाल को 4 लाख रुपये और 3 फरवरी 2026 को सीमा अग्रवाल के खाते में 9.90 लाख रुपये जमा किए गए।

शिकायतकर्ता के मुताबिक अलग-अलग लेन-देन के जरिए कुल 1,54,90,000 रुपये आरोपितों को दिए गए।

रकम वापस मांगने पर मिलते रहे बहाने

शिकायत के मुताबिक जनवरी 2025 में पुष्कर जैन रायपुर के मोवा स्थित सीजी हाइट्स पहुंचे। वहां उनकी मुलाकात सीमा देवी अग्रवाल, संजय अग्रवाल, ललित अग्रवाल और विवेक अग्रवाल से हुई।

आरोप है कि सभी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि करीब दो महीने के भीतर उनकी पूरी रकम वापस कर दी जाएगी। लेकिन समय बीतने के बाद भी रकम वापस नहीं मिली। जब शिक्षक ने अपनी राशि वापस मांगी तो कथित तौर पर अलग-अलग कारण बताकर उन्हें लगातार टालते रहे।

दोबारा पैसा लगाने के लिए भी दिया भरोसा

मामले में नमित अग्रवाल उर्फ विक्की की भूमिका भी शिकायत में सामने आई है। शिकायतकर्ता के अनुसार नमित ने उनसे संपर्क कर दोबारा रकम निवेश करने के लिए कहा और व्यक्तिगत गारंटी देते हुए भरोसा दिलाया कि दोबारा निवेश के बाद ट्रेडिंग शुरू होगी और सभी निवेशकों की राशि वापस कर दी जाएगी।

इस भरोसे के बाद पुष्कर जैन ने 3 फरवरी 2026 को सीमा अग्रवाल के खाते में 9.90 लाख रुपये और जमा किए।

रकम लेने के दो दिन बाद मोबाइल बंद, घर छोड़कर गए

शिकायतकर्ता का आरोप है कि 3 फरवरी को रकम लेने के महज दो दिन बाद आरोपितों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर दिए। इसके बाद उनके रायपुर स्थित निवास से भी संपर्क नहीं हो सका। काफी प्रयास के बाद भी जब आरोपितों से संपर्क नहीं हुआ और रकम वापस मिलने की उम्मीद खत्म हो गई, तब शिक्षक ने आजाद चौक थाने में शिकायत दर्ज कराई।

पांच लोगों के खिलाफ FIR

शिकायत के आधार पर आजाद चौक पुलिस ने नेहल अग्रवाल, ललित अग्रवाल, विवेक अग्रवाल, सीमा अग्रवाल और नमित अग्रवाल उर्फ विक्की के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में अपराध दर्ज किया है।

पुलिस अब बैंक खातों में हुए लेन-देन, RTGS और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, आरोपितों के आपसी संबंध और कथित क्रिप्टो ट्रेडिंग कारोबार से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रही है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि और रकम की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।

फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि 1.54 करोड़ रुपये की रकम वास्तव में क्रिप्टो ट्रेडिंग में लगाई गई थी या निवेश के नाम पर किसी अन्य तरीके से इस्तेमाल की गई।

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Author: Khabri Chai

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