कांकेर में खदान की गाड़ियों में आग लगाने के मामले में कार्रवाई
भानुप्रतापपुर। छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में लौह खदान की गाड़ियों में आग लगाने और घटनास्थल पर ‘लाल सलाम’ लिखा पर्चा छोड़ने के मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना लोहत्तर थाना क्षेत्र के चेमल के पास स्थित पुष्प ब्लॉक लौह खदान की है, जहां तीन गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया था। मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

घटनास्थल पर ‘लाल सलाम’ लिखा पर्चा मिलने के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया था। पुलिस ने आगजनी की घटना के साथ-साथ पर्चे और वारदात के पीछे की वजह की भी जांच शुरू की।
गांव में खदान नहीं चाहते थे आरोपी: पुलिस
पुलिस के अनुसार, मामले में सामने आया है कि आरोपी अपने गांव के आसपास लौह खदान नहीं चाहते थे। इसी विरोध के चलते खदान में चल रही तीन गाड़ियों में आग लगाने की घटना को अंजाम दिया गया।
घटना के बाद पुलिस ने जांच और साक्ष्यों के आधार पर पांच लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने सहदेव तुलावी को इस मामले का मुख्य आरोपी बताया है। हालांकि, मामले से जुड़े सभी आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगा।
गिरफ्तार आरोपियों में ये नाम शामिल
पुलिस ने जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
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सहदेव तुलावी
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प्रेम सिंह कोरेटी
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ओम प्रकाश कचलाम
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बृजलाल सलाम
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शिवलाल तुलावी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी बोदेली और एडगुड गांव के आसपास के क्षेत्र से संबंधित हैं। गिरफ्तारी के बाद सभी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
आगजनी समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज
इस मामले में पुलिस ने आगजनी, संगठित अपराध, पहचान छिपाकर अपराध करने और जान से मारने की धमकी समेत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई के बाद खदान में आगजनी की घटना को लेकर जांच आगे बढ़ रही है। ‘लाल सलाम’ लिखे पर्चे के पीछे की भूमिका और वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जांच के निष्कर्षों से स्पष्ट होगी।
खदान विरोध बना आगजनी की वजह?
इस घटना ने एक बार फिर खनन परियोजनाओं को लेकर स्थानीय विरोध और कानून-व्यवस्था से जुड़े सवाल खड़े किए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की मंशा गांव में लौह खदान नहीं होने देने की थी। हालांकि, किसी परियोजना को लेकर विरोध और हिंसक गतिविधियों को अलग-अलग देखा जाना जरूरी है। विरोध दर्ज कराने के लोकतांत्रिक तरीके मौजूद हैं, जबकि आगजनी और धमकी जैसे आरोप गंभीर आपराधिक मामले हैं।
फिलहाल इस मामले में पांचों आरोपी गिरफ्तार हैं और न्यायिक रिमांड पर भेजे जा चुके हैं। मामले में आगे की जानकारी पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर सामने आएगी।
Author: Khabri Chai
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