छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश के आसार, 30–40 किमी/घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

छत्तीसगढ़ में फिर बदल सकता है मौसम का मिजाज

रायपुर। छत्तीसगढ़ में दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के बाद भी बारिश की गतिविधियां पूरी तरह थमी नहीं हैं। प्रदेश में बीते दिनों मौसम शुष्क रहने के कारण तापमान में बढ़ोतरी हुई है और लोगों को गर्मी का अहसास हो रहा है। इसी बीच मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

छत्तीसगढ़ में बदला मौसम का मिजाज, बारिश और तेज हवाओं के आसार

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिणी छत्तीसगढ़ के एक-दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। अगले दो दिनों तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना भी बनी हुई है। हालांकि, फिलहाल बारिश की गतिविधियां सीमित रहने का अनुमान है।

रायपुर में कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी रायपुर में 16 अक्टूबर को दिन के समय आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना है। दोपहर या शाम के दौरान आंशिक रूप से बादल छा सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार, शहर का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

गुरुवार को रायपुर में अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.1 डिग्री अधिक था। वहीं, न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 2.3 डिग्री अधिक दर्ज किया गया।

पेंड्रा रोड में सबसे कम न्यूनतम तापमान

प्रदेश में रात के तापमान की बात करें तो पेंड्रा रोड में सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस रहा।

प्रमुख शहरों में अधिकतम तापमान की स्थिति इस प्रकार रही:

  • रायपुर: 33.4 डिग्री सेल्सियस

  • माना एयरपोर्ट: 32 डिग्री सेल्सियस

  • बिलासपुर: 32 डिग्री सेल्सियस

  • जगदलपुर: 32.9 डिग्री सेल्सियस

  • दुर्ग: 31.2 डिग्री सेल्सियस

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्रदेश के कई इलाकों में दिन के समय गर्मी बनी हुई है, जबकि कुछ क्षेत्रों में रात का तापमान अपेक्षाकृत कम दर्ज किया जा रहा है।

देश से मानसून की विदाई, फिर भी क्यों हो सकती है बारिश?

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 अक्टूबर को पूरे देश से विदा हो गया। हालांकि, मानसून की विदाई का अर्थ यह नहीं है कि इसके बाद बारिश बिल्कुल नहीं होगी। स्थानीय मौसमी परिस्थितियों, हवा के प्रवाह और वायुमंडलीय प्रणालियों के कारण मानसून के बाद भी कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।

मौसम संबंधी जानकारी के अनुसार, दक्षिणी तटीय तमिलनाडु से ओडिशा तट के पास उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका बनी हुई है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश से अरब सागर की ओर तथा मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र से होकर गुजरने वाली एक अन्य द्रोणिका का भी उल्लेख किया गया है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से कुछ क्षेत्रों में बादल और बारिश की स्थिति बन सकती है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

बारिश और तेज हवाओं की संभावना को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने की जरूरत है। गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। किसानों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को भी मौसम में बदलाव के अनुसार सावधानी बरतनी चाहिए।

कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में मानसून की विदाई के बाद भी कुछ इलाकों में बारिश की संभावना बनी हुई है। रायपुर समेत कई शहरों में फिलहाल गर्मी का असर महसूस हो सकता है, जबकि दक्षिणी छत्तीसगढ़ में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ मौसम बदलने के आसार हैं।

Khabri Chai
Author: Khabri Chai

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