छत्तीसगढ़ में तीन दर्दनाक हादसों ने झकझोरा: युवक की हत्या, बेटे को बचाते मां की मौत, नाले में बहा मासूम

भिलाई/अंबिकापुर/धमतरी। छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में सामने आई तीन दर्दनाक घटनाओं ने लोगों को झकझोर दिया। भिलाई के जामुल में जन्मदिन मना रहे एक युवक की विवाद के बाद पिकअप वाहन चढ़ाकर हत्या कर दी गई। अंबिकापुर में मधुमक्खियों के हमले के दौरान एक मां ने अपने छह साल के बेटे को सुरक्षित घर भेज दिया, लेकिन खुद मधुमक्खियों के डंक से नहीं बच सकी। वहीं धमतरी में तेज बहाव वाले नाले में आठ साल का बच्चा बह गया। बच्चे की तलाश में कथित देरी से नाराज लोगों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया।

Bhilai Youth Birthday Murder Case | Karni Sena Protests In Jamul

जामुल में जन्मदिन के दौरान विवाद, युवक पर चढ़ा दी पिकअप

भिलाई के जामुल थाना क्षेत्र के ढांचा भवन स्थित दुर्गा पंडाल के पास 25 सितंबर की रात करीब 11:30 बजे अंकित सिंह अपने दोस्तों के साथ जन्मदिन मना रहा था। इसी दौरान गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी अपने साथियों के साथ पिकअप वाहन लेकर वहां पहुंचा।

किसी बात को लेकर अंकित और गुरप्रीत के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि गाली-गलौज के बाद गुरप्रीत ने पिकअप वाहन अंकित की ओर तेज गति से दौड़ा दिया। वाहन की टक्कर लगने के बाद अंकित सड़क पर गिर गया और पिकअप उसके ऊपर चढ़ गई।

घटना के बाद आरोपी वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल अंकित को उसके दोस्तों ने अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वारदात में इस्तेमाल पिकअप वाहन को भी जब्त कर लिया गया है। पुलिस मामले में विवाद की वजह और घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।

बेटे को बचाने मां ने झेले मधुमक्खियों के डंक

अंबिकापुर के गांधीनगर थाना क्षेत्र के घंघरी असडांड में एक मां ने अपने छह साल के बेटे की जान बचाने के लिए अपनी जान गंवा दी।

बताया गया कि विफनिया खेत में उड़द उखाड़ रही थी और उसका छह साल का बेटा पास में खेल रहा था। इसी दौरान पेड़ पर मौजूद मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया।

मधुमक्खियों के हमले से घबराया बच्चा अपनी मां की ओर दौड़ा। विफनिया ने बच्चे को अपने पास बुलाने के बजाय तुरंत घर भागने को कहा। बच्चा किसी तरह परिजनों तक पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी दी।

ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो महिला के सिर और चेहरे पर मधुमक्खियों के कई डंक लगे हुए थे। उसे घर लाया गया, लेकिन करीब तीन घंटे के भीतर उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

मधुमक्खियों के हमले में क्या सावधानी बरतें?

एंटोमोलॉजिस्ट विवेक कुमार उपाध्याय के अनुसार, मधुमक्खियों का झुंड हमला करे तो घबराकर हाथ-पैर चलाने या मधुमक्खियों को मारने की कोशिश करने से बचना चाहिए। सिर और चेहरे को ढंकते हुए जल्द से जल्द किसी बंद और सुरक्षित स्थान पर पहुंचना जरूरी है।

डंक लगने के बाद सुरक्षित जगह पहुंचकर दिखाई देने वाले डंक को नाखून या किसी सपाट वस्तु की मदद से सावधानीपूर्वक हटाया जा सकता है। प्रभावित स्थान को साबुन और पानी से साफ कर ठंडी पट्टी लगाई जा सकती है। यदि सांस लेने में परेशानी, चेहरे या गले में सूजन, चक्कर या अन्य गंभीर एलर्जी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।

धमतरी में तेज बहाव में बहा 8 साल का बच्चा

धमतरी के बागतराई रोड स्थित सोरिद नाले में रविवार शाम आठ साल का लक्ष्य कुमार साहू तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया। करीब छह फीट गहरे नाले में हुए इस हादसे की जानकारी वार्ड पार्षद ने शाम करीब 4:30 बजे प्रशासन को दी।

लक्ष्य भरीपारा का रहने वाला और तीसरी कक्षा का छात्र था। वह अपने साथियों रवि नेताम और यशु नेताम के साथ खेलते हुए शीतला पुलिया की ओर गया था। इसी दौरान वह नाले में गिर गया और तेज बहाव उसे अपने साथ बहा ले गया।

हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। विधायक ओंकार साहू, नायब तहसीलदार दुर्गेश तंवर, निगम डिप्टी कमिश्नर पीसी सार्वा और टीआई राजेश जगत समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। रेस्क्यू के लिए जेसीबी भी बुलाई गई।

रेस्क्यू में देरी के आरोप पर लोगों ने किया चक्काजाम

स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों के मौके पर पहुंचने के बावजूद बच्चे की तलाश के लिए करीब चार घंटे तक प्रभावी और त्वरित रेस्क्यू कार्रवाई नहीं हो सकी। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई।

बच्चे की तलाश में कथित देरी से नाराज वार्डवासियों ने पुराने नेशनल हाईवे-30 पर सोरिद पुल के पास चक्काजाम कर दिया। इसके कारण सड़क पर यातायात प्रभावित हुआ और मौके पर प्रशासन के खिलाफ लोगों की नाराजगी देखने को मिली।

तीनों घटनाओं ने अलग-अलग स्तर पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। जामुल की घटना ने मामूली विवाद के हिंसक रूप लेने के खतरे को सामने रखा, वहीं अंबिकापुर की घटना में मां की जान की कीमत पर बच्चे को बचाने की कोशिश सामने आई। धमतरी का हादसा तेज बहाव वाले नालों के आसपास बच्चों की सुरक्षा और आपात स्थिति में त्वरित रेस्क्यू व्यवस्था की जरूरत को उजागर करता है।

Khabri Chai
Author: Khabri Chai

Khabri Chai news portal.

Advertisement Carousel
space for Adv.

यह भी देखें...